सरकार और LIC के हिस्सेदारी बेचने की खबर से IDBI Bank के निवेशकों में भगदड़! 5% लुढ़का शेयर
आईडीबीआई बैंक के शेयर में रणनीतिक बिक्री की खबर के बाद 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सरकार ...और पढ़ें

आईडीबीआई बैंक का शेयर लुढ़का
HighLights
आईडीबीआई बैंक के शेयर में 5% से अधिक की गिरावट
सरकार और LIC 60.72% हिस्सेदारी 'कनाडा इंक' को बेचेंगे
यह सौदा ₹52,878 करोड़ में ₹81 प्रति शेयर पर होगा
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आज आईडीबीआई बैंक के शेयर (IDBI Bank Share Price Today) में गिरावट दिख रही है। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के सपोर्ट वाली 'कनाडा इंक' को आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी मिल गई है। इसके तहत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर 52,878 करोड़ रुपये में अपनी 60.72% हिस्सेदारी बेचेंगे। इसी खबर के बीच बैंक के शेयर में 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दिख रही है।
₹86 के नीचे आया भाव
आज आईडीबीआई बैंक का शेयर 5 फीसदी से लुढ़ककर 86 रुपये के नीचे आ गया है। 9.40 बजे ये BSE पर 4.54 रुपये या 5.02 फीसदी की कमजोरी के साथ 85.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। हालांकि बीते 6 महीनों में ये शेयर 15.5 फीसदी चढ़ा है। वैसे ये इस साल अब तक ये 17.2 फीसदी लुढ़का है।
कौन कितनी हिस्सेदारी बेचेगा?
केंद्र सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी। 'कनाडा इंक' ये शेयर 81 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदेगी। इस सौदे के बाद, सरकार के पास IDBI बैंक में 15% हिस्सेदारी बनी रहेगी, जबकि LIC के पास 19% हिस्सेदारी रहेगी।
वित्त मंत्रालय ने क्या कहा?
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कैबिनेट के फैसले को दो चरणों वाली प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के जरिए लागू किया गया है। इस प्रोसेस को कई स्तरों वाले सामूहिक फैसला लेने के सिस्टम का सपोर्ट हासिल था, जिसमें अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी), विनिवेश पर सचिवों का कोर समूह (सीजीडी) और और कैबिनेट मंत्रियों का अधिकार-प्राप्त समूह शामिल थे।
बयान में आगे कहा गया कि दो प्रोफेशनल वैल्यूएशन एजेंसियों ने कंपनी का उचित मूल्यांकन किया। इन उचित मूल्यांकनों का औसत 75.99 रुपए प्रति शेयर था, जिसे क्वालिफाइड बोलियों के मूल्यांकन के लिए बेंचमार्क कीमत माना गया। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स द्वारा दी गई 81 प्रति शेयर की सबसे अच्छी सफल बोली बेंचमार्क कीमत और दोनों स्वतंत्र वैल्यूएशन एजेंसियों के उचित मूल्य अनुमानों से ज्यादा थी, इसलिए इसे उचित माना गया और मंजूरी दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि सफल बोली लगाने वाले को 'ईओआई' चरण में किए गए 'फिट एंड प्रॉपर असेसमेंट' के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक के सामने अपनी योग्यता के प्रमाण पेश करने होंगे और उसमें बताई गई रेगुलेटरी शर्तों को पूरा करने के लिए अपना रोडमैप जमा करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद, यह हमारी अर्थव्यवस्था के फाइनेंशियल सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा एफडीआई होगा।
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