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₹102 से ₹3535 तक गया शेयर, 5 साल में 1242% उछला भाव; अब कंपनी को मिला नवरत्न का दर्जा, आपने खरीदा क्या?

Published: Mon, 22 Jun 2026 08:53 AM (IST)

डिफेंस पब्लिक सेक्टर की कंपनी GRSE को वित्त मंत्रालय से 'नवरत्न' का दर्जा मिला है, जिससे उसे अधिक वित्तीय स्वतंत्रता ...और पढ़ें

गार्डन रीच को मिला नवरत्न का दर्जा (AI जनरेटेड फोटो)

गार्डन रीच को मिला नवरत्न का दर्जा (AI जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. GRSE को 'नवरत्न' का प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त हुआ

  2. कंपनी को अब मिलेगी अधिक वित्तीय स्वतंत्रता

  3. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता और विस्तार को बढ़ावा

नई दिल्ली। डिफेंस पब्लिक सेक्टर की कंपनी, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) को वित्त मंत्रालय के तहत डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज से 'नवरत्न' का दर्जा मिला है। ये कंपनी के लिए एक अहम उपलब्धि है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह मंजूरी 19 जून 2026 के एक ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए दी गई। इस खबर के बीच आज सोमवार को कंपनी का शेयर फोकस में रहेगा, जो कि बीते शुक्रवार को BSE पर 27.20 रुपये या 0.96 फीसदी गिरकर 2,797.30 रुपये पर बंद हुआ था।

अब मिलेगी अधिक फाइनेंशियल फ्रीडम

कोलकाता की जहाज बनाने वाली कंपनी GRSE ने कहा कि यह दर्जा उसकी वित्तीय परफॉर्मेंस, कामकाज की कुशलता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान को दिखाता है। नवरत्न का दर्जा पब्लिक सेक्टर की कंपनियों को ज्यादा फाइनेंशियल फ्रीडम देता है और उन्हें बड़े निवेश करने और अपने कामकाज का विस्तार करने की सुविधा देता है।
इस मौके पर GRSE के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कमोडोर पीआर हरि (रिटायर्ड) ने कहा, "नवरत्न का दर्जा मिलना GRSE के सफर में एक अहम मोड़ है और GRSE परिवार के हर सदस्य के लिए बहुत गर्व की बात है।"

रेवेन्यू और प्रॉफिट में शानदार बढ़त

हरि के अनुसार इस दर्जे से कंपनी को रणनीतिक मौके तलाशने, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और ग्लोबल लेवल पर अपनी कॉम्पिटिटिवनेस (प्रतिस्पर्धा क्षमता) को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। फाइलिंग के अनुसार, इसी दौरान GRSE का ऑपरेशन से रेवेन्यू FY22 में ₹1,754 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹7,002 करोड़ हो गया, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा ₹190 करोड़ से बढ़कर ₹748 करोड़ हो गया।

कंपनी ने 8 युद्धपोत सौंपे

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में आठ युद्धपोत सौंपे, जिनमें से तीन पोत तो 30 मार्च को ही सौंपे गए। इनमें एडवांस्ड गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट 'दूनागिरी', सर्वे वेसल 'संशोधक' और एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट 'अग्रय' शामिल थे।
GRSE ब्राउनफील्ड और ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए अपनी क्षमता बढ़ा रही है। कंपनी ने 800 से अधिक मरीन प्लेटफॉर्म बनाए हैं और भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और मित्र देशों को 118 युद्धपोत सौंपे हैं। यह एक जर्मन क्लाइंट के लिए 12 मल्टी-पर्पस वेसल भी बना रही है और ग्रीन व ऑटोनॉमस वेसल के क्षेत्र में भी विस्तार कर रही है।

कैसा रहा शेयर का परफॉर्मेंस?

अक्टूबर 2018 में लिस्टिंग के समय गार्डन रीच का शेयर 102.05 रुपये पर था, जो पिछले साल जून में 3535 रुपये तक उछला था और अब 2,797.30 रुपये पर है। मौजूदा भाव के हिसाब से भी कंपनी का शेयर बीते 5 साल में 1,241.95 फीसदी चढ़ा है।

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(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)