शेयर बेचने पर अब होगा ज्यादा का फायदा! बजट 2027 में सरकार कर सकती है LTCG और STCG खत्म करने का एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आगामी बजट 2027-28 में लांग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स हटाने पर निवेशकों की राय ...और पढ़ें

वित्त मंत्री ने LTCG टैक्स हटाने पर निवेशकों की राय मांगी।
HighLights
वित्त मंत्री ने LTCG टैक्स हटाने पर निवेशकों की राय मांगी।
SBI ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने हेतु LTCG हटाने की मांग की।
LTCG हटाने के संकेत से सेंसेक्स में 1109 अंकों की तेजी।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के बजट में लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स को समाप्त किया जा सकता है। मंगलवार को एक कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार लांग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) टैक्स पर निवेशकों के राय को जानने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने कहा कि अब आगामी बजट की तैयारी शुरू हो चुकी है और ऐसे में यह कहना ठीक नहीं है कि वह किन टैक्स को रखेंगी और किन्हें हटाएंगी।
लेकिन निवेशकों को सुनने की बात कहकर उन्होंने इस मामले में निवेशकों के मन में आशा जगा दी। एसबीआइ ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भी सरकार से एलटीसीजी को हटाने की मांग की है ताकि विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया जा सके।
भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे निवेशक
वैश्विक हालात के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमत और अमेरिकी बांड की रिटर्न दर में इजाफा से विदेशी निवेशक तेजी से भारतीय शेयर बाजार से अपने निवेश को निकाल रहे हैं। वर्ष 2026 में तीन लाख करोड़ से अधिक के विदेशी निवेश भारतीय बाजार से निकल चुके हैं।
सीतारमण की तरफ से एलटीसीजी के मुद्दे पर निवेशकों के राय को जानने की बात कहने से मंगलवार को बाजार में एक सकारात्मक संदेश गया और इससे सेंसेक्स 1109 अंक बढ़कर 73033 अंक पर बंद हुआ।
एलटीसीजी को समाप्त करने से विदेशी निवेशकों को प्रोत्साहन मिलेगा और इससे वे फिर से भारतीय बाजार की ओर आकर्षित होंगे। खरीदारी के एक साल से अधिक समय के बाद शेयर बेचने पर 12.5 प्रतिशत का लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगता है।
अगग 1.25 लाख तक का ही गेन है तो उस पर कोई टैक्स नहीं लगता है। जानकारों का कहना है कि डालर के मुकाबले रुपए में मजबूती को जारी रखने के लिए आरबीआइ की तरफ से और कदम उठाए जाने के सरकारी संकेतों के कारण भी मंगलवार को बाजार में इतनी तेजी दर्ज की गई। एसबीआई ने लांग टर्म कैपिटल गेन की अवधि को एक साल से बढ़ाकर दो-तीन साल करने के लिए कहा है ताकि विदेशी निवेशक बाजार में अपने निवेश को इतने समय तक हर हाल में रखें।
