खत्म हो जाएंगे शेयरों पर LTCG और STT? वित्त मंत्री ने दिया बड़ा संकेत; खुशखबरी की जगी उम्मीद
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार बजट में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स हटाने पर लोगों की राय जानने को उत्सुक है।

तो क्या खत्म हो जाएंगे शेयरों पर LTCG और STT?
HighLights
FM सीतारमण ने LTCG टैक्स हटाने पर राय जानने की बात कही।
STT और एसेट क्लास के समान व्यवहार पर बहस जारी है।
भारत रिन्यूएबल एनर्जी और चिप निर्माण में निवेश आकर्षित कर रहा है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार बजट पर बातचीत के दौरान लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को हटाने के बारे में लोगों की राय जानने के लिए उत्सुक है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत और विदेशों में निवेशक इक्विटी पर टैक्स को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
मंगलवार को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए, सीतारमण ने कहा कि इस बहस में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि क्या अलग-अलग तरह की एसेट क्लास (संपत्ति के प्रकार) के साथ एक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।
रिन्यूएबल एनर्जी और चिप
सीतारमण ने कहा, "LTCG पर भारतीय और विदेशी, दोनों तरह के निवेशक अपनी राय दे रहे हैं।" "मार्केट में STT और सभी एसेट क्लास के साथ एक जैसा व्यवहार करने के सवाल पर काफी बहस हो रही है। ऐसी बहस होना अच्छी बात है।"
सीतारमण ने यह भी कहा कि प्राइवेट कैपिटल रिन्यूएबल एनर्जी और चिप बनाने जैसे सेक्टर में आ रहा है। उन्होंने कहा, "सिर्फ AI ही नहीं, बल्कि सेमीकंडक्टर, सेमीकंडक्टर चिप्स और उनकी डिज़ाइन और पैकेजिंग भी शामिल है। भारत ऐसे क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है जो AI को संभव बनाएंगे।"
'अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से के लिए जरूरी'
सीतारमण ने कहा कि भारत ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ट्रांसमिशन लाइन, रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया में भी निवेश आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सोच-समझकर एडवांस्ड, बारीक-नैनोमीटर वाली चिप्स और कम एडवांस्ड चिप्स, दोनों के निर्माण का फैसला किया है, जो अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से के लिए जरूरी हैं।
सिविल एविएशन सेक्टर की ग्रोथ
वित्त मंत्री ने कहा, "पिछले 10 सालों में, जिस भी सेक्टर को आगे बढ़ाने की ज़रूरत थी, भारत ने उसमें बहुत अच्छा काम किया है। यह रफ्तार बनी रहेगी।" सीतारमण ने कहा कि घरेलू कैपिटल अब रिन्यूएबल एनर्जी, चिप डिज़ाइन, बायोसिमिलर, दवा निर्माण और मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सेंटर्स में आ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का सिविल एविएशन सेक्टर लगभग 16% की दर से बढ़ रहा है और इस सेक्टर में निवेश के मौके हैं।
