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कमिंस इंडिया के शेयरों में हाहाकार! 13% से ज्यादा टूटे भाव, Q2 नतीजों ने निवेशकों को दिया झटका

Published: Thu, 05 Nov 2026 11:59 AM (IST)

कमिंस इंडिया के शेयर गुरुवार को कमजोर सितंबर तिमाही नतीजों के कारण 13% से अधिक गिर गए। कंपनी की बिक्री ...और पढ़ें

13% से ज्यादा टूटे भाव

13% से ज्यादा टूटे भाव

HighLights

  1. कमिंस इंडिया के शेयर 13% से अधिक टूटे।

  2. सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा 27% तक गिरा।

  3. ऑपरेटिंग मार्जिन में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: कमिंस इंडिया (Cummins India) के शेयरों में गुरुवार, 5 नवंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी के सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के कमजोर नतीजों के बाद शेयर बाजार खुलते ही स्टॉक 13% से ज्यादा टूट गया। कंपनी की बिक्री में मामूली बढ़त के बावजूद मुनाफे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑपरेटिंग मार्जिन में आई कमजोरी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। नतीजों से एक दिन पहले यानी बुधवार को कमिंस इंडिया का शेयर 2.55% की तेजी के साथ बंद हुआ था, लेकिन नतीजे सामने आते ही बाजार का रुख बदल गया।

बिक्री बढ़ी, लेकिन मुनाफे में 27% की गिरावट

कमिंस इंडिया के सितंबर तिमाही के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का स्टैंडअलोन आधार पर ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 4% बढ़कर 3,247 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 3,122 करोड़ रुपये था।

हालांकि, कंपनी की कमाई में बढ़त के बावजूद मुनाफे का आंकड़ा कमजोर रहा। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट (PAT) सालाना आधार पर करीब 26.8% गिरकर 467 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में कंपनी ने 637.69 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था।

वहीं, कंसोलिडेटेड नतीजों में कंपनी का रेवेन्यू 3,301 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 3,170 करोड़ रुपये के मुकाबले करीब 4.1% ज्यादा है। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 18.5% गिरकर 507.17 करोड़ रुपये रहा।

ऑपरेटिंग मार्जिन में भी आई बड़ी गिरावट

कंपनी के नतीजों में सबसे ज्यादा चिंता मार्जिन को लेकर है। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर करीब 25.5% गिरकर 561 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह करीब 753 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA मार्जिन में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह पिछले साल के 23.8% से घटकर 17% पर आ गया। यानी कंपनी की बिक्री बढ़ने के बावजूद हर 100 रुपये की बिक्री पर होने वाली ऑपरेटिंग कमाई काफी कम हो गई।

आखिर क्यों बिगड़ा कंपनी का मुनाफे का गणित?

कंपनी के मैनेजमेंट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में कमोडिटी की बढ़ती कीमतों और माल ढुलाई यानी फ्रेट की लागत में इजाफे का असर कारोबार पर पड़ा है। इसके अलावा प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव भी मार्जिन पर दबाव की एक बड़ी वजह रहा। कंपनी की घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 5% बढ़कर 2,692 करोड़ रुपये रही, जबकि एक्सपोर्ट बिक्री 2% बढ़कर 555 करोड़ रुपये पर पहुंची।

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