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अनिल अंबानी की RCOM को बड़ा झटका, तत्काल प्रभाव से आवंटित स्पेक्ट्रम रद; दिवालिया है कंपनी

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:32 AM (IST)

दूरसंचार विभाग (DoT) ने अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) और उसकी सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम (RTL) को आवंटित स्पेक्ट्रम ...और पढ़ें

दूरसंचार विभाग ने RCOM और RTL का स्पेक्ट्रम रद किया।

दूरसंचार विभाग ने RCOM और RTL का स्पेक्ट्रम रद किया।

HighLights

  1. दूरसंचार विभाग ने RCOM और RTL का स्पेक्ट्रम रद किया।

  2. 2010 से 2016 तक आवंटित स्पेक्ट्रम तत्काल प्रभाव से वापस लिया गया।

  3. यह कदम RCOM की दिवालिया प्रक्रिया और समाधान योजना को प्रभावित करेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) को बड़ा झटका लगा है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने कंपनी और उसकी पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (RTL) को 2010, 2013, 2014, 2015 और 2016 में हुई नीलामी के जरिए दिए गए स्पेक्ट्रम को तुरंत प्रभाव से रद कर दिया है।

यानी कंपनी को , संबंधित स्पेक्ट्रम आवंटन वापस ले लिए गए हैं या केंद्र सरकार को लौटा दिए गए हैं, और अब रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के पास स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। बताते चलें कि अनिल अंबानी की यह कंपनी दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है।

अनिल अंबानी की कंपनी ने खुद दिया अपडेट

कंपनी ने फाइलिंग मे कहा कि कंपनी को भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) से 5 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले पत्र ("पत्र") मिले हैं। ये पत्र रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड ("RCOM") और RCOM की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को 2010, 2013, 2014, 2015 और 2016 में हुई नीलामी के तहत आवंटित स्पेक्ट्रम को रद्द करने के संबंध में हैं।

अनिल अंबानी की रिलायंस कम्युनिकेशन ने एक फाइलिंग में बताया- "केंद्र सरकार को मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए, 2010, 2013, 2014, 2015 और 2016 में हुई नीलामी के जरिए RCOM ग्रुप ऑफ कंपनीज को सौंपे गए स्पेक्ट्रम को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है।"

दूरसंचार विभाग ने क्यों रद किया आरकॉम का लाइसेंस

विभाग ने कहा कि आरकॉम और आरटीएल आवेदन आमंत्रित करने वाले संबंधित नोटिस (एनआईए) के लागू नियमों और शर्तों का पालन करने में विफल रहे, जिसमें स्थगित स्पेक्ट्रम किस्तों और अन्य स्पेक्ट्रम-संबंधित शुल्कों से संबंधित भुगतान दायित्व शामिल हैं।

संबंधित नीलामियों के माध्यम से प्राप्त स्पेक्ट्रम के लिए, DoT ने यह भी कहा कि कंपनियां निर्धारित रोल-आउट दायित्वों को पूरा करने में विफल रहीं और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और परिसमाप्त क्षति के भुगतान में चूक हुईं।

दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है RCOM और RTL

अनिल अंबानी की RCOM दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी ने स्पेकट्र्म रद किए जानें को लेकर कहा कि इस समझौते के खत्म होने का असर कंपनी और उसके रिज़ॉल्यूशन प्लान पर पड़ेगा, क्योंकि इस प्लान में कंपनी की संपत्ति के तौर पर स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने के अधिकार को बेचने का प्रावधान है।

इसका असर RTL और उसके रिजॉल्यूशन प्लान पर भी पड़ेगा, जिसमें स्पेक्ट्रम इस्तेमाल करने के अधिकार को एक एसेट के तौर पर बेचने का प्रावधान भी शामिल है। RCOM और RTL के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी देने की अर्ज़ी भी NCLT, मुंबई बेंच के पास विचाराधीन है।

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