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रिटायरमेंट के बाद हर महीने चाहिए ₹20500 की कमाई? पोस्ट ऑफिस की इस सरकारी स्कीम से मिलेगा फायदा

Published: Tue, 20 Oct 2026 08:47 AM (IST)

SCSS calculation: पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का एक अच्छा विकल्प है। ...और पढ़ें

रिटायरमेंट के बाद हर महीने चाहिए ₹20500 की कमाई?

रिटायरमेंट के बाद हर महीने चाहिए ₹20500 की कमाई? 

HighLights

  1. SCSS में 8.2% सालाना ब्याज दर मिलती है।

  2. 30 लाख निवेश पर ₹20,500 मासिक औसत आय।

  3. 60 वर्ष से अधिक उम्र के लिए सुरक्षित सरकारी योजना।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: नौकरी से रिटायरमेंट (Retirement) के बाद नियमित आमदनी का जरिया बना रहना जरूरी है। ऐसे में पोस्ट ऑफिस (Post office) की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) बुजुर्गों के लिए एक विकल्प हो सकती है। इस सरकारी बचत योजना में अधिकतम 30 लाख रुपये जमा करके सालाना 2.46 लाख रुपये तक ब्याज मिल सकता है। यानी महीने के हिसाब से औसतन 20,500 रुपये की कमाई होगी। हालांकि, ब्याज हर महीने नहीं, बल्कि तीन महीने में एक बार मिलता है।

8.2% सालाना ब्याज, बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम नहीं

पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम खासतौर पर रिटायरमेंट के बाद नियमित आय के लिए बनाई गई है। इसमें फिलहाल 8.2% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। खाता खोलते समय लागू ब्याज दर के आधार पर कमाई तय होती है। यह सरकारी बचत योजना है, इसलिए इसमें शेयर बाजार से जुड़ा सीधा जोखिम नहीं होता।

कौन खुलवा सकता है खाता?

आमतौर पर 60 साल या उससे अधिक उम्र के लोग इस योजना में निवेश कर सकते हैं। कुछ शर्तों के तहत 55 से 60 साल के बीच रिटायर हुए लोग भी पात्र होते हैं। वहीं, कुछ रिटायर्ड रक्षा कर्मचारी 50 साल की उम्र के बाद भी खाता खुलवा सकते हैं। इसमें न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है, जबकि एक खाते में अधिकतम 30 लाख रुपये जमा करने की सीमा है।

₹30 लाख के निवेश पर ऐसे होगी कमाई

अगर कोई निवेशक इस योजना में 30 लाख रुपये जमा करता है और उसे 8.2% सालाना ब्याज मिलता है, तो गणना इस तरह होगी:

* कुल निवेश: ₹30,00,000
* सालाना ब्याज: ₹2,46,000
* तीन महीने का ब्याज: ₹61,500
* महीने के हिसाब से औसत कमाई: ₹20,500

यानी हर तीन महीने में खाते में 61,500 रुपये आएंगे। पांच साल की अवधि पूरी होने पर नियमों के मुताबिक मूल निवेश वापस मिल जाता है। पात्र निवेशक तय शर्तों के तहत खाते को तीन साल के लिए आगे भी बढ़ा सकते हैं।

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