PF Transfer at Home: घर बैठे ट्रांसफर करना है कई PF अकाउंट में पड़ा पैसा? ये रहा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
PF Transfer: यह लेख घर बैठे पुराने पीएफ खातों से नए खाते में पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करने का आसान तरीका ...और पढ़ें

PF Transfer at Home: घर बैठे ट्रांसफर करना है कई PF अकाउंट में पड़ा पैसा ये रहा स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
HighLights
यूएएन से खातों को लिंक करें और केवाईसी अपडेट रखें।
ईपीएफओ पोर्टल पर लॉगिन कर ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट सबमिट करें।
ओटीपी से आवेदन जमा कर ट्रांसफर क्लेम की स्थिति देखें।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी कुछ सालों में कई नौकरियां बदल चुके हैं? क्या आपका पीएफ का पैसा अलग-अलग अकाउंट में पड़ा है, और आप उसे ट्रांसफर करने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन नहीं कर पा रहे हैं? अगर हां, तो ये खबर आपके लिए है। आज आपको घर बैठे आसानी से पुराने पीएफ खाते का पैसा अपने नए खाते में ट्रांसफर करने के बारे में बताएंगे।
सबसे पहले क्या करना है?
सबसे पहले चेक करें कि आपके सभी पुराने और नए पीएफ अकाउंट आपके UAN से जुड़े हैं या फिर नहीं। फिर पीएफ ट्रांसफर करने से पहले ये सुनिश्चित करें कि आपके पोर्टल पर बैंक अकाउंट, पैन और बाकी केवाईसी डिटेल्स एकदम सही और अपडेटेड है या नहीं। साथ ही पुराने अकाउंट ने पड़ी रकम को भी चेक कर लें, अगर कोई गड़बड़ी हो तो तुरंत शिकायत करें।
ऑनलाइन पीएफ ट्रांसफर करने का तरीका:
- सबसे पहले ईपीएफओ (EPFO) के आधिकारिक सदस्य पोर्टल पर जाएं और अपने यूएएन (UAN) और पासवर्ड से लॉगिन करें।
- इसके बाद ऊपर दिए गए मेनू में से 'ऑनलाइन सेवाएं' (Online Services) टैब पर जाएं और 'One Member - One EPF Account (Transfer Request)' के ऑप्शन को चुनें।
- स्क्रीन पर आपके मौजूदा (नए) पीएफ खाते से जुड़ी सारी जानकारी दिखाई देगी। अब आपको अपनी पुरानी नौकरी या पुराने पीएफ खाते की जानकारी भरनी होगी।
- अपनी डिटेल्स को वेरिफाई करें और ओटीपी (OTP) के जरिए आवेदन को सबमिट कर दें।
- आवेदन जमा होने के बाद आप ऑनलाइन ही अपने ट्रांसफर क्लेम की स्थिति (Status) को आसानी से देख सकते हैं।
कुछ ही दिनों में पुराना पैसा आपके नए और एक्टिव पीएफ खाते में ट्रांसफर हो जाएगा, जिससे आपको अलग-अलग खातों को संभालने का झंझट खत्म हो जाएगा।
पीएफ ट्रांसफर करना क्यों है जरूरी?
नौकरी बदलने पर पुराना पीएफ (PF) बैलेंस नए खाते में ट्रांसफर करना इसलिए जरूरी है ताकि आपकी पेंशन की पात्रता, टैक्स छूट और कंपाउंड इंटरेस्ट (चक्रवृद्धि ब्याज) का पूरा लाभ सुरक्षित रहे। साथ ही एक ही अकाउंट होने पर भविष्य में पैसा निकालना या क्लेम करना आसान हो जाता है।
