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EPFO Update: वेज सीलिंग के बढ़ने से टेक होम सैलरी, पेंशन और बीमा का कैसे बदलेगा गणित? 3 प्वाइंट में समझें सबकुछ

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:57 PM (IST)

EPFO Wage Ceiling Rule: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वेज सीलिंग को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया है, ...और पढ़ें

EPFO Update: वेज सीलिंग के बढ़ने से टेक होम सैलरी, पेंशन और बीमा का कैसे बदलेगा गणित? 3 प्वाइंट में समझें सबकुछ

EPFO Update: वेज सीलिंग के बढ़ने से टेक होम सैलरी, पेंशन और बीमा का कैसे बदलेगा गणित? 3 प्वाइंट में समझें सबकुछ

HighLights

  1. वेज सीलिंग ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000, 17 अक्टूबर से लागू।

  2. कर्मचारियों के PF योगदान और पेंशन गणना पर सीधा असर।

  3. EDLI बीमा कवर अब ₹10.50 लाख तक मिलेगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। EPFO यानी कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब EPF की वेज सीलिंग (Wage Ceiling) को बढ़ाकर ₹15,000 से सीधे ₹25,000 कर दिया गया है। ये नया नियम 17 अक्टूबर से लागू माना जाएगा। पीएफ में हुए इस बदलाव से लाखों कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स, पेंशन और बीमा कवर में बड़ा बदलाव आने वाला है। आइए जानते हैं कि इससे कैसे आपके EPF Contribution, EPS और EDLI पर क्या असर पड़ेगा।

1. PF पर कैसे होगा असर?

नए नियम के हिसाब से जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹25000 तक है, उनके लिए EPF और EPS में जुड़ना अनिवार्य होगा। पहले 12% की दर से न्यूनतम पीएफ कंट्रीब्यूशन ₹1800 (₹15000 का 12%) कटता था। लेकिन अब वेज सीलिंग ₹25000 होने पर एंप्लॉयी और कंपनी दोनों को न्यूनतम PF कंट्रीब्यूशन बढ़कर ₹3000 (₹25000 का 12%) हो जाएगा।

जिसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹15000 से ₹25000 के बीच है, उनका हर महीने ज्यादा पीएफ कटेगा। इसकी वजह से उनकी इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम हो जाएगी, लेकिन इससे उनका रिटायरमेंट फंड और ज्यादा मजबूत होगा। हालांकि, कंपनियों पर कॉस्ट का बोझ जरूर बढ़ेगा।

2. पेंशन (EPS) पर क्या असर होगा?

बढ़ी हुई वेज सीलिंग का फायदा पेंशन पर भी दिखेगा। जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹25000 या उससे ज्यादा है, उनकी पेंशन की कैलकुलेशन अब ₹15000 की बजाय ₹25000 के औसत वेतन के आधार पर की जाएगी (बशर्ते नई सीमा के तहत उनके कम से कम 5 साल यानी 60 महीने पूरे हो चुके हों) लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि जो कर्मचारी 1 सितंबर 2014 के बाद सेवा में आए हैं, वो EPS के सदस्य नहीं है।

3. EDLI पर क्या पड़ेगा असर?

इसे ऐसे समझा जा सकता है कि जैसे अगर किसी EPF सदस्य की ड्यूटी के दौरान मौत हो जाती है, तो उसके परिवार को एम्प्लॉइज डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) स्कीम के तहत बीमा राशि मिलती है। पहले अधिकतम बीमा कवर ₹7लाख (₹15000 की वेज सीलिंग के हिसाब से)तक मिलता था। लेकिन अब क्योंकि वेज सीलिंग की लिमिट ₹25000 हो गई है, तो बीमा की अधिकतम लिमिट भी बढ़कर ₹10.50 लाख या उससे ज्यादा का मिलेगा।

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