Post office की इन दो स्कीम में लगाएं ₹50000, 5 साल में कितना बनेगा पैसा? कैलकुलेशन से समझें पूरा हिसाब
KVP vs NSC: पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) योजनाओं में ₹50,000 के निवेश ...और पढ़ें

Post office की इन दो स्कीम में लगाएं ₹50000 (ai photo)
HighLights
किसान विकास पत्र और NSC की ब्याज दरों की तुलना।
₹50,000 निवेश पर 5 साल में मिलने वाला रिटर्न।
दोनों योजनाओं के टैक्स लाभ और मैच्योरिटी अवधि।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अगर आप बिना शेयर बाजार के जोखिम के अपनी बचत बढ़ाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस (post office) की किसान विकास पत्र (KVP) और नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम आपके काम आ सकती हैं। दोनों में सरकार की गारंटी के साथ निवेश का विकल्प मिलता है, लेकिन ब्याज दर, मैच्योरिटी और टैक्स में छूट के मामले में दोनों अलग हैं।
मान लीजिए आपके पास ₹50,000 हैं और आप उन्हें निवेश करना चाहते हैं। ऐसे में सवाल है कि 5 साल बाद किस स्कीम में कितना पैसा मिलेगा और किसमें ज्यादा फायदा होगा? आइए ब्याज दर और कैलकुलेशन के जरिए समझते हैं।
KVP और NSC पर कितना मिल रहा ब्याज?
अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पोस्ट ऑफिस की दोनों स्कीमों की ब्याज दरें इस प्रकार हैं।
* NSC: सालाना 7.7% ब्याज
* KVP: सालाना 7.5% ब्याज
दोनों स्कीमों में ब्याज सालाना कंपाउंड होता है। यानी ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता है। हालांकि, दोनों की मैच्योरिटी अवधि अलग है। NSC 5 साल में मैच्योर होती है, जबकि KVP में पैसा दोगुना होने में 9 साल 7 महीने लगते हैं।
₹50,000 निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न?
1. नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
अगर आप NSC में एकमुश्त ₹50,000 निवेश करते हैं, तो 7.7% सालाना ब्याज दर के हिसाब से पांच साल बाद आपकी रकम करीब ₹72,450 हो सकती है। यानी आपको लगभग ₹22,450 का ब्याज मिलेगा।
शुरुआती निवेश: ₹50,000
ब्याज दर: 7.7% सालाना
5 साल बाद रकम: ₹72,450
अनुमानित ब्याज:₹22,450
2. किसान विकास पत्र (KVP)
Kisan vikas pa में ₹50,000 निवेश करने पर मैच्योरिटी के समय रकम दोगुनी होकर ₹1 लाख हो सकती है। लेकिन इसके लिए आपको करीब 9 साल 7 महीने इंतजार करना होगा। इस तरह ₹50,000 के निवेश पर ₹50,000 का ब्याज मिलेगा।
शुरुआती निवेश: ₹50,000
ब्याज दर:7.5% सालाना
मैच्योरिटी पर रकम: ₹1,00,000
कुल ब्याज: ₹50,000
मैच्योरिटी अवधि: 9 साल 7 महीने
NSC में टैक्स बचाने का भी मौका
National saving scheme की एक खासियत यह है कि इसमें निवेश की रकम पर इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत निर्धारित शर्तों के अनुसार कटौती मिल सकती है। हालांकि, इसका फायदा पुरानी टैक्स व्यवस्था और लागू नियमों के अधीन है। नई टैक्स व्यवस्था में सामान्य तौर पर यह कटौती उपलब्ध नहीं है।
वहीं, KVP में निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत छूट नहीं मिलती। दोनों स्कीमों से होने वाली ब्याज आय पर लागू टैक्स नियमों के अनुसार टैक्स लग सकता है। इसलिए टैक्स के बाद मिलने वाली रकम अलग हो सकती है।
