EPFO FAQs: ₹20000 सैलरी पर सिर्फ EPF में जमा होता है पैसा, वेतन सीमा ₹25000 होते ही बदला नियम; कितना कटेगा PF?
EPFO FAQs: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने वेतन सीमा बढ़ने के बाद EPF और EPS सदस्यता को लेकर स्थिति ...और पढ़ें

₹20000 सैलरी पर सिर्फ EPF में जमा होता है पैसा
HighLights
वेतन सीमा बढ़ने पर EPF-EPS सदस्यता स्पष्ट हुई।
₹20,000 सैलरी पर EPS सदस्यता अनिवार्य होगी।
अक्टूबर 2026 से PF योगदान का गणित बदलेगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से वेतन सीमा बढ़ने के बाद EPF और EPS की सदस्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई है। अगर आपकी मासिक सैलरी ₹20000 है और आप अभी सिर्फ EPF के सदस्य हैं, EPS के नहीं, तो वेतन सीमा बढ़ने के बाद आपको EPS का सदस्य बनना होगा। इसके बाद आपकी सैलरी से होने वाले पीएफ (PF) योगदान और नियोक्ता का बंटवारा भी बदल जाएगा।
₹20,000 की सैलरी पर कितना कटेगा PF?
EPFO के FAQ के मुताबिक, वेतन सीमा (wage ceiling) बढ़कर ₹25000 होने के बाद ₹20,000 की EPF वेतन राशि वाले कर्मचारी को कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का सदस्य बनना होगा। अक्टूबर 2026 के वेतन महीने से लागू उदाहरण के अनुसार, कर्मचारी और नियोक्ता के योगदान का गणित कुछ इस तरह होगा।
| योगदान | रेट % | अमाउंट |
| कर्मचारी EPF योगदान | 12% | 2400 रुपये |
| कंपनी EPS योगदान | 8.33% | 1666 रुपये |
| कंपनी EPF योगदान | 3.67% | 734 रुपये |
| टोटल | 24% | 4800 रुपये |
कर्मचारी की सैलरी से कटेंगे ₹2,400
अगर आपकी EPF वेतन राशि ₹20,000 है, तो कर्मचारी के तौर पर आपको अपनी सैलरी का 12% EPF में योगदान देना होगा। इस हिसाब से हर महीने आपके वेतन से ₹2,400 कटकर EPF खाते में जमा होंगे। कर्मचारी के योगदान की दर में कोई बदलाव नहीं होगा।
नियोक्ता के ₹2400 का होगा बंटवारा
नियोक्ता यानी कंपनी Employer भी आपकी EPF वेतन राशि का 12% योगदान करेगी। हालांकि, यह पूरी रकम EPF खाते में जमा नहीं होगी। इसका एक हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना और बाकी हिस्सा EPF में जाएगा।
अक्टूबर 2026 से लागू गणना
EPFO के दिए उदाहरण के मुताबिक, अक्टूबर 2026 के वेतन महीने से पूरे महीने के लिए यह गणना लागू होगी। यानी वेतन सीमा बढ़ने के बाद ₹20,000 की EPF वेतन राशि वाले ऐसे कर्मचारी, जो अब तक सिर्फ EPF के सदस्य थे, उन्हें EPS की सदस्यता भी लेनी होगी। कर्मचारी का 12% योगदान EPF में ही रहेगा, जबकि नियोक्ता के 12% योगदान का 8.33% EPS और 3.67% EPF में जमा होगा।
