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म्यूचुअल फंड में निवेश का नया मौका! कार्नेलियन का स्मॉलकैप फंड लॉन्च, जुटाएगा ₹5000 करोड़ का फंड

Published: Fri, 16 Oct 2026 03:44 PM (IST)

कार्नेलियन म्यूचुअल फंड ने अपना नया स्मॉल कैप फंड लॉन्च किया है, जिसका न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 से 30 ...और पढ़ें

म्यूचुअल फंड में निवेश का नया मौका!

म्यूचुअल फंड में निवेश का नया मौका!

HighLights

  1. कार्नेलियन म्यूचुअल फंड ने नया स्मॉल कैप फंड लॉन्च किया।

  2. NFO 16 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक खुला रहेगा।

  3. फंड का लक्ष्य ₹5000 करोड़ जुटाना, स्मॉल कैप में निवेश।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: कार्नेलियन म्यूचुअल फंड ने अपना नया स्मॉल कैप फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम होगी, जो मुख्य रूप से स्मॉल कैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगी। इस फंड का न्यू फंड ऑफर (NFO) 16 अक्टूबर यानी आज खुल गया है, और निवेशक इसमें 30 अक्टूबर तक पैसा लगा सकेंगे। फंड के लिए ₹5000 करोड़ की सीमा तय की गई है, जो स्कीम की शर्तों के अधीन होगी।

रिसर्च और लंबी अवधि के निवेश पर फोकस

कार्नेलियन स्मॉल कैप फंड में रिसर्च आधारित निवेश रणनीति अपनाई जाएगी। यह रणनीति क्लैरिटी, कन्विक्शन और कंपाउंडिंग यानी कारोबार को स्पष्ट रूप से समझने, निवेश के फैसलों पर भरोसा रखने और लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के सिद्धांतों पर आधारित होगी। फंड का लक्ष्य ऐसी कंपनियों की पहचान करना है, जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी की संभावना हो, जो लंबे समय तक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त बनाए रख सकें और जिनमें जोखिम के मुकाबले बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना हो। इसके साथ ही शेयरों के मूल्यांकन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

फंड के लिए 5,000 करोड़ रुपये की सीमा तय करने का उद्देश्य निवेश के फैसलों में लचीलापन बनाए रखना है। इससे फंड का आकार बढ़ने पर भी निवेश टीम बेहतर अवसरों का चयन कर सकेगी और निवेश में अनुशासन बनाए रखेगी। कंपनी का जोर अधिक से अधिक पैसा जुटाने के बजाय बेहतर निवेश अवसरों को प्राथमिकता देने पर है।

30-50 कंपनियों का होगा पोर्टफोलियो

कार्नेलियन स्मॉल कैप फंड की योजना शुरुआती 1,000 से अधिक शेयरों के निवेश योग्य दायरे में से लगभग 30 से 50 कंपनियों का केंद्रित पोर्टफोलियो तैयार करने की है। इसके लिए कार्नेलियन के विशेष CLEAR फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत कंपनियों के कैश फ्लो, देनदारियों, कमाई की गुणवत्ता, संपत्तियों की गुणवत्ता और संबंधित पक्षों के साथ होने वाले लेनदेन की जांच की जाएगी।

इसके अलावा CONNECT फ्रेमवर्क के जरिए कंपनी के प्रबंधन और कारोबार से जुड़े अन्य पक्षों का जमीनी स्तर पर आकलन किया जाएगा। इससे केवल वित्तीय आंकड़ों के आधार पर ही नहीं, बल्कि कंपनी की वास्तविक कारोबारी स्थिति और प्रबंधन की गुणवत्ता को समझकर निवेश के फैसले लेने में मदद मिलेगी।

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