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डीजल की किल्लत से जूझ रहे अमेरिका ने मांगी अंबानी से मदद? दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का दौरा करेगा ट्रंप का 'राइट हैंड'

Published: Fri, 16 Oct 2026 02:16 PM (IST)

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे पर गुजरात के जामनगर स्थित रिलायंस की दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी का दौरा करेंगे।

डीजल की कीमतों में उछाल के बीच अंबानी से अमेरिका ने लगाई आस!

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HighLights

  1. मार्को रूबियो जामनगर में रिलायंस रिफाइनरी का दौरा करेंगे।

  2. यह दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट तेल रिफाइनरी है।

  3. भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग, व्यापार पर रहेगा जोर।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) भारत दौरे पर गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी का दौरा करेंगे। यह वही रिफाइनरी है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-साइट ऑयल रिफाइनरी का दर्जा हासिल है। अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी (Mukesh ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के इस विशाल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स पर अब अमेरिका की भी नजर है। रूबियो का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग, कारोबार और ट्रेड डील को लेकर बातचीत अहम बनी हुई है।

क्यों करेंगे जामनगर का दौरा?

मंगलवार को, अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की कि रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच उज्बेकिस्तान के समरकंद और वहां से भारत में मुंबई और जामनगर की यात्रा करेंगे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के मुताबिक, रूबियों अपने भारत दौरे के दौरान रिलायंस के लोगों से भी मुलाकात करेंगे। उनकी कार्यक्रम मुंबई और जामनगर का है। इस यात्रा में ऊर्जा सहयोग बढ़ाने और दोनों देशों के बीच कारोबारी रिश्तों को मजबूत करने पर जोर रहने की उम्मीद है।

14 लाख बैरल रोजाना कच्चा तेल प्रोसेस करने की क्षमता

गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस का रिफाइनरी (Refinery) कॉम्प्लेक्स आकार और क्षमता, दोनों के लिहाज से बेहद खास है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यहां रोजाना करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे जटिल सिंगल-साइट रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स है।

इसका मतलब है कि एक ही जगह पर इतने बड़े पैमाने पर कच्चे तेल को प्रोसेस करके पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। यहां कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल और अन्य रिफाइंड उत्पाद बनाने के साथ पेट्रोकेमिकल कारोबार के लिए भी बड़े स्तर पर उत्पादन से जुड़ी सुविधाएं मौजूद हैं।

7,500 एकड़ में फैला है विशाल कॉम्प्लेक्स

जामनगर रिफाइनरी सिर्फ तेल प्रोसेस करने वाली फैक्ट्री नहीं, बल्कि एक विशाल औद्योगिक परिसर है। सबसे बड़ी बात है इसका क्षेत्रफल करीब 7,500 एकड़ बताया गया है। इतने बड़े क्षेत्र में रिफाइनिंग के साथ पेट्रोकेमिकल उत्पादन और इससे जुड़ा बुनियादी ढांचा मौजूद है।

रिलायंस के मुताबिक, इस कॉम्प्लेक्स में दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाइयों में शामिल कई सुविधाएं हैं। कंपनी यहां दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से मिलने वाले कच्चे तेल की 216 से ज्यादा किस्मों को प्रोसेस कर चुकी है। अलग-अलग गुणवत्ता वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करने की यह क्षमता कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों के हिसाब से उत्पादन करने में मदद करती है।

भारत-अमेरिका के ऊर्जा रिश्तों के लिहाज से अहम दौरा

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने चेतावनी दी है कि डीजल बाजार में आ रही रुकावटों के कारण अगले साल भी कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। डीजल की कीमतों को कम करने के लिए - जिसका असर अमेरिकी ट्रक ड्राइवरों, किसानों और माल भेजने वालों पर पड़ता है - अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में रूस पर लगे प्रतिबंधों को कुछ समय के लिए रोक दिया, ताकि वैश्विक बाजार में मॉस्को से सप्लाई आ सके।

रिपोर्ट्स की माने तो ट्रंप प्रशासन इस यात्रा का इस्तेमाल नीति और राजनीति के बजाय कारोबारी समझौतों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कर रहा है, क्योंकि मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिकी लोगों का पूरा ध्यान अर्थव्यवस्था पर है।

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