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Sugarcane Control Order 2026: चीनी मिलों के लिए बदला 60 साल पुराना कानून, 14 दिन में करना होगा गन्ना किसानों को भुगतान

Published: Wed, 22 Apr 2026 01:37 PM (IST)Updated: Wed, 22 Apr 2026 04:16 PM (IST)

Sugarcane Control Order 2026: केंद्र सरकार ने 1966 के नियमों की जगह नया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 मसौदा जारी किया ...और पढ़ें

25 किमी के दायरे में ही खुल सकेंगी नई चीनी मिलें

25 किमी के दायरे में ही खुल सकेंगी नई चीनी मिलें

HighLights

  1. नया गन्ना नियंत्रण आदेश 2026, 1966 के नियमों की जगह लेगा।

  2. चीनी मिलों में एथेनॉल उत्पादन को मुख्य उत्पाद माना जाएगा।

  3. किसानों को 14 दिन में भुगतान, देरी पर 15% ब्याज मिलेगा।

नई दिल्ली| केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने साल 1966 के नियमों की जगह पर नया मसौदा जारी किया है, जिसे गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 कहा जाएगा।

इसका उद्देश्य चीनी मिलों के मुख्य उत्पाद के रूप में एथेनॉल को मान्यता देकर नियामक तंत्र को फिर से स्थापित करना है। इसके बाद शुगर मिलों में भी बदलाव किए जाएंगे।

सभी संबंधित पक्षों से 20 मई 2026 तक अपने सुझाव और टिप्पणियां देने को कहा गया है। शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर 2026 के तहत किसानों को फायदा देने की बात कही गई है।

1 टन चीनी के बराबर होगा 600 लीटर एथेनॉल

नए मसौदे के बाद सरकार का ध्यान एथेनॉल के उत्पादन को बढ़ावा देने का है। सरकार का कहना है कि सिर्फ चीनी ही नहीं, बल्कि एथेनॉल , बायो-एनर्जी, डिजिटल ट्रैकिंग और वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स भी बढ़े हैं। सरकार ने ड्राफ्ट में बताया कि गन्ने के जूस, सिरप या मोलासेस से सीधे 600 लीटर एथेनॉल उत्पादन को 1 टन चीनी के बराबर माना जाएगा।

किसानों को क्या फायदा होगा?

नए ड्राफ्ट के अनुसार सरकार ने कई पुराने नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत गन्ना किसानों का भुगतान आसान बनाने की बात कही गई है। गन्ना खरीदने के बाद मिलों को 14 दिन के भीतर किसानों को भुगतान करना जरूरी होगा। अगर भुगतान में देरी हुई तो बकाया रकम पर 15% सालाना ब्याज देना पड़ेगा। इस फैसले से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

नई शुगर मिलों के लिए भी बदले नियम

1966 के नियमों को रद्द कर नए शुगरकेन कंट्रोल ऑर्डर 2026 के तहत नई चीनी मिलों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। नई चीनी मिल खोलने लिए पुरानी मिल की दूरी 25 किमी हो गई है, जो पहले 15 किमी थी।

बता दें कि अब 25 किलोमीटर की दूरी का ध्यान रखते हुए ही नई शुगर मिलें खोली जा सकेंगी। इससे गन्ने के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा कम होगी और मिलों पर दबाव नहीं बढ़ेगा, साथ ही किसानों को गन्ने की अच्छी कीमत मिलेगी।

नई शुगर मिल खोलने के लिए Industrial Entrepreneur Memorandum दाखिल करना होगा, 02 करोड़ की बैंक गारंटी देनी होगी और 05 साल में उत्पादन शुरू करने की भी बात कही गई है। वहीं नए मसौदे अगर कोई पुरानी शुगर मिल 7 शुगर सीजन तक बंद रहती है, तो उसका प्लांट कोड और मान्यता खत्म की जा सकती है।

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