भारत का Sea Food Export ₹72000 करोड़ के पार पहुंचा, देश की ब्लू इकॉनमी को होगा बड़ा फायदा
Sea Food Export 2026: भारत का समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात ₹72,000 करोड़ ($8.28 बिलियन) के पार पहुंच गया है, ...और पढ़ें

सीफूड एक्सपोर्ट में तेज बढ़ोतरी ₹72,000 करोड़ पहुंचा कारोबार
HighLights
समुद्री खाद्य निर्यात ₹72,000 करोड़ ($8.28 बिलियन) पहुंचा।
फ्रोजन झींगा निर्यात में सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना।
ब्लू इकॉनमी और 3 करोड़ लोगों को लाभ।
नई दिल्ली| समुद्री खाद्य पदार्थों के एक्सपोर्ट के मामले में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। MPEDA की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत का सीफूड एक्सपोर्ट 8.28 बिलियन अमेरिकी डॉलर (₹72,000 करोड़ रुपये) का हो गया है, इसे अब एक माइल्डस्टोन माना जा रहा है। आपको बता दें कि भारत का कुल निर्यात 19.32 लाख मीट्रिक टन हो गया है। इस तेज बढ़ोतरी से देश अब ग्लोबल सीफूड मार्केट में बड़ी ताकत बनता जा रहा है।
भारतीय झींगा दे रहा बड़े-बड़ों को टक्कर
सीफूड एक्सपोर्ट (Sea food export) में तेज बढ़ोतरी में सबसे बड़ा योगदान भारतीय झींगे का है। भारत के कुल ₹72,000 करोड़ के बिजनेस में प्रोजेन झींगे का ₹47,973.13 करोड़ (5.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का एक्सपोर्ट हुआ है, जो कुल निर्यात आय के दो-तिहाई से अधिक है। झींगा के खेप की मात्रा में 4.6% और मूल्य में 6.35% की बढ़ोतरी हुई, जिससे भारत के समुद्री उत्पादों के निर्यात में इसका दबदबा और मजबूत हुआ।
इन देशों में बढ़ा सीफूड का एक्सपोर्ट
भारतीय से भेजे जाने वाले सीफूड की डिमांड दुनिया के कई मशहूर देशों में है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा बाजार बना रहा, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इस बार थोड़ी गिरावट देखी गई। इसके अलावा चीन हमारा दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना जहां निर्यात मूल्य में 22.7% मात्रा में 20.1% की बढ़ोतरी हुई।
India’s seafood exports cross ₹72,325.82 crore in FY26 on shrimp led growth, market diversificationhttps://t.co/qIUQfD3QzW
— PMO India (@PMOIndia) April 22, 2026
via NaMo App pic.twitter.com/mBqBojKy58
इसके अलावा यूरोपीय संघ में निर्यात मूल्य में 37.9% और मात्रा में 35.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दक्षिण-पूर्व एशिया की बात करें तो यहां मूल्य में 36.1% और मात्रा में 28.2% से अधिक की बढ़ोतरी हुई। जापान को निर्यात मूल्य में 6.55% की बढ़ोतरी हुई है। ये आंकड़े भारत के सीफूड सेक्टर और ब्लू इकॉनमी के लिए पॉजिटिव हैं।
इन उत्पादों में हुई बढ़ोतरी
सीफूड एक्सपोर्ट के उत्पादों की बात करें तो, फ्रोजन मछली, स्क्विड, कटलफिश, सूखे खाद्य पदार्थ और जीवित उत्पादों के निर्यात में तेजी देखी गई है, जबकि ठंडे उत्पादों में गिरावट आई है। सुरिमी, मछलियों का भोजन और मछली के तेल के एक्सपोर्ट में भी अच्छा सुधार हुआ है। ये कारोबार भारत की अर्थव्यवस्था और डायरेक्ट-इनडायरेक्ट मछली पालन के क्षेत्र से जुड़े लगभग 3 करोड़ लोगों के लिए फायदेमंद है।
