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बिना दुकान या ऑफिस के कर सकेंगे देशभर में बिजनेस, GST सुधार में E-commerce रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव

Published: Fri, 09 Oct 2026 08:52 PM (GMT+05:30)

छोटे कारोबारियों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से दूसरे राज्यों में व्यापार करना आसान हो गया है। वे अब ...और पढ़ें

GST सुधार में E-commerce रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव

GST सुधार में E-commerce रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव

HighLights

  1. ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई सरल।

  2. दूसरे राज्यों में बिना फिजिकल दुकान के व्यापार संभव।

  3. ई-कॉमर्स ऑपरेटर के वेयरहाउस को मुख्य पता बना सकते हैं।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| E-commerce Platform के जरिए दूसरे राज्यों में अपना सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए GST में सरल रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत पात्र ट्रेडर्स उस राज्य में खुद की दुकान या ऑफिस खोले बिना भी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, जहां उनकी फिजिकल मौजूदगी नहीं है। इसके लिए वे संबंधित ई-कॉमर्स ऑपरेटर (ECO) के वेयरहाउस को उस राज्य में अपने कारोबार का मुख्य पता यानी प्रिंसिपल प्लेस ऑफ बिजनेस (PPoB) घोषित कर सकते हैं। यह सुविधा वैकल्पिक है और जीएसटी नियम 14B के तहत मिलती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य छोटे कारोबारियों के लिए दूसरे राज्यों में बिजनेस शुरू करने की प्रक्रिया आसान बनाना और ई-कॉमर्स के जरिए देशभर में सामान बेचने के मौके देना है। हालांकि, इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन लेने वाले विक्रेताओं को कुछ निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। वे इस रजिस्ट्रेशन का इस्तेमाल केवल ई-कॉमर्स ऑपरेटर के प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचने के लिए कर सकते हैं।

किस कारोबारी को मिलेगा फायदा?

यह सुविधा उन छोटे ट्रेडर्स के लिए है, जो ऐसे E-commerce प्लेटफॉर्म के माध्यम से सामान बेचते हैं, जिन पर GST कानून की धारा 52 के तहत सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (TCS) की जिम्मेदारी लागू होती है। योजना के तहत ट्रेडर्स उस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में रजिस्ट्रेशन ले सकते हैं, जहां उनका अपना कोई फिजिकल बिजनेस प्लेस नहीं है, लेकिन ई-कॉमर्स ऑपरेटर का वेयरहाउस मौजूद है।

इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन लेने के लिए कारोबारी की संबंधित रजिस्टर्ज व्यक्तियों को की जाने वाली सप्लाई पर कुल आउटपुट टैक्स देनदारी एक महीने में ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसमें केंद्रीय जीएसटी (CGST), राज्य या केंद्रशासित प्रदेश जीएसटी (SGST/UTGST) और इंटीग्रेटेड जीएसटी (IGST) शामिल हैं।

एक PAN पर राज्य में मिलेगा एक रजिस्ट्रेशन

इस योजना के तहत एक PAN के आधार पर किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में केवल एक रजिस्ट्रेशन लिया जा सकता है। ट्रेडर्स को अपने गृह राज्य में उसी PAN पर प्राप्त GSTIN का विवरण भी देना होगा।

इसके अलावा, योजना के तहत रजिस्ट्रेशन लेने वाले व्यक्ति के पास पहले से सामान्य GST रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। वह केवल नियम 14B या नियम 14A के तहत प्राप्त रजिस्ट्रेशन के आधार पर इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकता।

कैसे करें अप्लाई?

इस योजना का लाभ लेने के लिए विक्रेता को GST के कॉमन पोर्टल पर फॉर्म GST REG-01 के माध्यम से अप्लाई करना होगा। अप्लाई में संबंधित राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में नियम 14B के तहत रजिस्ट्रेशन लेने का ऑप्शन चुनना होगा।

आवेदन करते समय कारोबारी को अपने गृह राज्य में उसी PAN पर प्राप्त GSTIN का विवरण देना होगा। साथ ही, जिस ई-कॉमर्स ऑपरेटर के वेयरहाउस को मुख्य कारोबार स्थल घोषित करना है, उसका पता और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी। यदि उसी राज्य में ई-कॉमर्स ऑपरेटर के अन्य वेयरहाउस को अतिरिक्त कारोबार प्लेस के रूप में घोषित करना है, तो उनका विवरण भी देना होगा।

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इस योजना के तहत आवेदन करने वाले विक्रेताओं के लिए गृह राज्य में आधार आधारित बायोमेट्रिक सर्टिफिकेशन और फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी अनिवार्य है।