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GST Council Updates: मुकदमे की सीमा ₹5 करोड़, शो-कॉज नोटिस और रिफंड पर हुए ये बड़े एलान! गिरफ्तारी पर क्या होगा नया नियम?

Published: Thu, 08 Oct 2026 06:55 PM (IST)

जीएसटी काउंसिल ने आपराधिक मुकदमा शुरू करने की न्यूनतम सीमा ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी है, जिससे ...और पढ़ें

GST Council Meeting के बड़े एलान

GST Council Meeting के बड़े एलान

HighLights

  1. आपराधिक मुकदमा शुरू करने की सीमा ₹1 करोड़ से ₹5 करोड़ हुई।

  2. छोटे और मध्यम कारोबारियों पर मुकदमेबाजी का बोझ कम होगा।

  3. शो-कॉज नोटिस की सीमा ₹10,000, रिफंड 10 दिन में स्वीकार।

GST Council की 57वीं बैठक में कारोबारियों और उद्योग जगत को राहत देने वाला एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। काउंसिल ने जीएसटी कानून के तहत आपराधिक मुकदमा (Prosecution) शुरू करने की न्यूनतम सीमा को ₹1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर ₹5 करोड़ रुपये कर दी है। इस बदलाव का उद्देश्य छोटे और मध्यम कारोबारियों पर मुकदमेबाजी का बोझ कम करना और कर प्रशासन को अधिक व्यावहारिक बनाना है।

अपराध दर्ज करने की सीमा ₹5 करोड़

अब तक GST कानून के तहत टैक्स में अनियमितता, इनवॉइस जारी करने में गड़बड़ी या अन्य टैक्स से जुड़े अपराधों के मामलों में यदि टैक्स की राशि ₹1 करोड़ या उससे अधिक होती थी, तो विभाग आपराधिक मुकदमा शुरू कर सकता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह सीमा बढ़कर ₹5 करोड़ हो जाएगी। इसका मतलब है कि 5 करोड़ रुपये से कम राशि वाले मामलों में सामान्य तौर पर आपराधिक कार्रवाई की जगह वित्तीय और प्रशासनिक कार्रवाई पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि जीएसटी व्यवस्था का उद्देश्य टैक्स कंप्लायंस बढ़ाना है, न कि हर विवाद को आपराधिक मामले में बदलना। पिछले कुछ सालों में उद्योग संगठनों और व्यापारिक निकायों ने भी मांग की थी कि छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मामूली या प्रक्रियागत चूक के मामलों में आपराधिक कार्रवाई से राहत दी जाए।

'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर जोर

जीएसटी काउंसिल के इस फैसले को कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे टैक्सपेयर्स और विभाग के बीच अनावश्यक मुकदमेबाजी कम होने की उम्मीद है, जबकि कर प्रशासन अपने संसाधनों को बड़े और गंभीर कर अपराधों की जांच पर केंद्रित कर सकेगा।

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नोटिस और रिफंड पर हुए ये एलान

काउंसिल बैठक में शो-कॉज नोटिस के लिए मॉनेटरी थ्रेशोल्ड कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम किया गया है। इसके लिए शो-कॉज नोटिस जारी करने की न्यूनतम सीमा ₹10,000 की तय की गई है। इसके साथ ही रिफंड दावों को स्वीकार करने की समयसीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी।