सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

केंद्र सरकार ने ₹10000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को दी मंजूरी, छोटे उद्यमियों को रिस्क कैपिटल भी! कौन उठा सकता है लाभ?

Published: Tue, 06 Oct 2026 04:12 PM (IST)

केंद्र सरकार ने छोटे और मझोले उद्यमों (SME) के लिए ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

SME ग्रोथ फंड की मंजूरी

SME ग्रोथ फंड की मंजूरी

HighLights

  1. सरकार ने ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को मंजूरी दी।

  2. यह फंड छोटे और मझोले उद्योगों को सीधा इक्विटी निवेश देगा।

  3. इसका लक्ष्य MSME क्षेत्र में रोजगार और विकास को बढ़ावा देना है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| केंद्र सरकार ने उद्यमियों प्रोत्साहित करने और देश के MSMEs सेक्टर की ग्रोथ के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से छोटे और मझोले उद्यमों (SME) के लिए ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड को मंजूरी मिली है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इस फंड को हरी झंडी दी। इसका उद्देश्य ऐसे छोटे और मझोले उद्योगों को बिजनेस शुरू करने और उसके विस्तार के लिए फंड उपलब्ध कराना है। इस फंड से उन उद्यमियों को सीधा फायदा होगा जिनमें तेजी से बढ़ने और बड़े उद्यम बनने की क्षमता है, लेकिन पूंजी की कमी उनके ग्रोथ में बाधा बन रही है।

फंड के साथ रिस्क कैपिटल भी

यह फंड ट्रेडिशनल बैंक लोन की तरह नहीं होगा। इसके जरिए सरकार योग्य SMEs में डायरेक्ट इक्विटी निवेश (Direct Equity Investment) करेगी। यानी कंपनियों को केवल कर्ज नहीं, बल्कि रिस्क कैपिटल भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे नई मशीनरी, टेक्नोलॉली, उत्पादन क्षमता और बाजार विस्तार पर निवेश कर सकें।

किसे मिलेगा कितना फंड?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फरवरी 2026 में पेश किए गए केंद्रीय बजट में इस फंड की घोषणा की थी। बजट में इसे "भविष्य के चैंपियन उद्यम" तैयार करने की पहल बताया गया था। सरकार का लक्ष्य ऐसे SMEs की पहचान करना है जो एम्प्लोयमेंट जेनेरेशन, एक्सपोर्ट, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

सरकार की MSME रणनीति के तहत यह फंड तीन प्रमुख स्तंभों—इक्विटी सपोर्ट, लिक्विडिटी सपोर्ट और प्रोफेशनल सपोर्ट का हिस्सा है। इक्विटी सपोर्ट के लिए ₹10,000 करोड़ का यह फंड बनाया गया है, जबकि माइक्रो उद्यमों को रिस्क कैपिटल उपलब्ध कराने के लिए आत्मनिर्भर भारत (SRI) फंड में ₹2,000 करोड़ की अतिरिक्त राशि देने की भी घोषणा की गई थी।

मिड-साइज चैंपियन होंगे तैयार

एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में बड़ी संख्या में SMEs बैंक लोन पर निर्भर हैं, लेकिन विस्तार के लिए उन्हें इक्विटी पूंजी की जरूरत होती है। ऐसे में यह फंड उन कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है जो अगले स्तर पर पहुंचना चाहती हैं, निर्यात बढ़ाना चाहती हैं या नई तकनीक अपनाना चाहती हैं।

ये भी पढ़ें: बंद होने जा रही "लाड़ली बहना योजना?" सीएम मोहन यादव ने बताया खजाने पर आर्थिक बोझ! क्यों चर्चा में आ गई स्कीम?

देश की अर्थव्यवस्था में MSME क्षेत्र का योगदान करीब 30% GDP और 45% निर्यात के आसपास माना जाता है। ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि SME ग्रोथ फंड से रोजगार, निवेश और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने में मदद मिलेगी तथा कई नए "मिड-साइज चैंपियन" उद्योग तैयार होंगे।