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बड़े होटलों में कैसे करें फल-सब्जी, अनाज और दूध की सप्लाई! किसानों-डेयरी फार्मर्स के सप्लायर बनने का आसान तरीका

Published: Sun, 25 Oct 2026 05:45 PM (IST)

किसानों और होटल इंडस्ट्री के बीच सीधे कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों को बड़े खरीदारों तक ...और पढ़ें

होटल सप्लाई चेन का बिजनेस (AI Image)

होटल सप्लाई चेन का बिजनेस (AI Image)

HighLights

  1. किसानों और होटलों के बीच सीधा कारोबार बढ़ रहा है।

  2. FPO किसानों को बड़े खरीदारों से जोड़ने में सहायक हैं।

  3. SFAC दिल्ली किसान मंडी सीधा व्यापार मंच प्रदान करता है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| बड़े होटलों और रेस्टोरेंट में रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियां, फल, अनाज, मसाले, दूध और दूसरे फूड आयटम्स किसानों से मंडियों, थोक कारोबारियों, सप्लायर्स और अन्य सप्लाई नेटवर्क के जरिए पहुंचते हैं। हालांकि, अब किसानों और होटल इंडस्ट्री के बीच सीधे कारोबार को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को बड़े खरीदारों तक पहुंचने और होटलों को नियमित रूप से अच्छी गुणवत्ता वाले एग्री प्रोडक्ट्स की सप्लाई हो रही है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से होटल इंडस्ट्री और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के बीच सीधे, व्यवस्थित और लॉन्गटर्म कारोबारी साझेदारी बनाने पर भी फोकस है। मंत्रालय के मुताबिक, ऐसी साझेदारी से किसानों की आमदनी बढ़ाने और होटलों को बेहतर गुणवत्ता वाले फूड आटम्स मिलते हैं।
कैसे होटलों तक पहुंचती हैं सब्जियां और दूसरी खाद्य सामग्री?

होटलों में सप्लाई बिजनेस से कैसे जुड़ें?

किसान अपने क्षेत्र के FPO से संपर्क करके पता कर सकते हैं कि क्या वह होटलों, कैटरर्स या इंडस्ट्रियल बायर्स को उपज बेचता है। FPO अपने उत्पादों और आपूर्ति क्षमता की जानकारी खरीदारों तक पहुंचा सकता है। इसके अलावा, किसान और FPO सरकारी डिजिटल बाजार प्लेटफार्म और खरीदार-विक्रेता बैठकों के जरिए भी कारोबारी संपर्क बना सकते हैं।

होटलों को हर दिन बड़ी मात्रा में सब्जियों, फलों, अनाज और मसालों की जरूरत होती है। इनकी खरीद स्थानीय मंडियों, थोक कारोबारियों, रिटेल सप्लाई नेटवर्क या सीधे किसानों और FPO से की जा सकती है। सीधे खरीद की व्यवस्था में किसान या उनका संगठन होटल के खरीद डिपार्टमेंट से संपर्क करता है और जरूरत के मुताबिक उपज की आपूर्ति करता है।

किसानों के लिए SFAC प्लेटफॉर्म

केंद्र सरकार के लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (SFAC) की दिल्ली किसान मंडी इसका एक उदाहरण है। यह प्लेटफॉर्म दिल्ली-NCR में किसानों और FPO को फल-सब्जियों के थोक और रिटेल खरीदारों से जोड़ने के लिए बनाया गया था। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदारों में होटल, कैटरर्स, संगठित खुदरा कारोबारी और अन्य थोक खरीदार शामिल हैं। यहां ई-किसान मंडी के माध्यम से ऑनलाइन कारोबार की सुविधा भी दी गई है। SFAC के मुताबिक, इस व्यवस्था में उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधे लेनदेन होता है तथा बीच में कमीशन एजेंट की जरूरत नहीं रहती।

किसानों के लिए कितने मौके हैं?

किसानों के लिए होटल उद्योग को सीधे उपज बेचने का अवसर खासकर FPO के माध्यम से बढ़ सकता है। अलग-अलग किसान अपनी उपज को एक साथ जुटाकर बड़े ऑर्डर की मांग पूरी कर सकते हैं। इससे खरीदारों के साथ बातचीत करने, नियमित आपूर्ति की व्यवस्था बनाने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

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कृषि मंत्रालय के अनुसार, सरकार की 10,000 किसान उत्पादक संगठन बनाने की योजना के तहत किसानों को समूह में संगठित किया जाता है, ताकि वे सीधे बिक्री कर सकें और खरीदारों के साथ बेहतर शर्तों पर बातचीत कर सकें। सरकार ने FPO को उद्योगों और संस्थागत खरीदारों से जोड़ने के लिए कारोबारी बैठकें और डिजिटल बाजार मंचों का भी इस्तेमाल किया है।

किसान कैसे शुरुआत कर सकते हैं?

किसान अपने क्षेत्र के FPO से संपर्क करके पता कर सकते हैं कि क्या वह होटलों, कैटरर्स या संस्थागत खरीदारों को उपज बेचता है। FPO अपने उत्पादों और आपूर्ति क्षमता की जानकारी खरीदारों तक पहुंचा सकता है। इसके अलावा, किसान और FPO सरकारी डिजिटल बाजार मंचों तथा खरीदार-विक्रेता बैठकों के जरिए भी कारोबारी संपर्क बना सकते हैं। अगर आपके शहर में इस तरह के प्लेटफॉर्म नहीं हैं तो आप सीधे होटलों और कैटर्स के पास जाकर अपनी उपज बेच सकते हैं।