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प्याज स्टोरेज बनाने लिए सरकार दे रही ₹4.5 लाख की सब्सिडी, किसे और कैसे मिलेगी मदद? अप्लाई का पूरा प्रोसेस

Published: Sun, 25 Oct 2026 01:41 PM (IST)

प्याज भंडारण संरचनाओं के निर्माण के लिए किसानों को ₹4.5 लाख तक की सब्सिडी दे रही है। यह योजना प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

प्याज स्टोरेज बनाने के लिए सब्सिडी

प्याज स्टोरेज बनाने के लिए सब्सिडी

HighLights

  1. प्याज भंडारण संरचना पर ₹4.5 लाख तक की सब्सिडी।

  2. बिहार के 28 जिलों के किसान उठा सकते हैं लाभ।

  3. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सहायता।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| इस साल प्याज की बढ़ी हुई कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंताओं के बीच सरकार की ओर से कई प्रयास किए गए हैं। केंद्र सरकार की स्कीम की ही तरह राज्य सरकारें भी किसानों के लिए कई वेलफेयर स्कीम चलाती हैं। इसी के तहत बिहार सरकार प्याज की फसल को सुरक्षित रखने और किसानों को बेहतर कीमत दिलाने के लिए प्याज स्टोरेज स्ट्रक्चर बनाने पर ₹4.50 लाख तक की सब्सिडी देती है। इसके तहत 50 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्याज स्टोरेज गोदाम बनाने की निर्धारित लागत ₹6 लाख है। इस पर 75 प्रतिशत तक सरकारी सहायता मिल सकती है। यानी किसान को सिर्फ ₹1.50 लाख अपनी ओर से लगाने होंगे। यह योजना प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ऑपरेट की जा रही है।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ बिहार के पात्र किसानों को दिया जाएगा। सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, एक किसान परिवार को अधिकतम एक ओनियन स्टोरेज स्ट्रक्चर बनाने के लिए सहायता मिल सकती है। इसके लिए किसान के पास जमीन से संबंधित वैलिड दस्तावेज होने चाहिए। इनमें भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र, निर्धारित अवधि की अपडेटेड राजस्व रसीद, ऑनलाइन अपडेटेड रसीद या वंशावली के आधार पर मान्य भू-स्वामित्व प्रमाणपत्र शामिल हैं। गैर-रैयत किसानों के लिए निर्धारित एकरारनामा भी स्वीकार्य दस्तावेजों में शामिल है।

यदि जमीन के दस्तावेजों में आवेदक का नाम स्पष्ट नहीं है, तो भूमि संबंधी दस्तावेजों के साथ वंशावली देना अनिवार्य होगा। आवेदन करने से पहले किसान को DBT पोर्टल पर रजिस्टर्ड बैंक खाते की जानकारी भी जांच लेना चाहिए।

इन 28 जिलों के किसानों को मिल सकता है लाभ?

बिहार सरकार की 2026-27 की योजना संबंधी जानकारी में प्याज भंडारण संरचना के निर्माण के लिए इन 28 जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गयाजी, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, सभी कैटेगरी में 30% महिला किसानों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है।

कितनी मिलेगी सब्सिडी?

प्याज स्टोरेज सेंटर बनाने की निर्धारित इकाई लागत ₹6 लाख है। इस पर अधिकतम 75 प्रतिशत यानी 4.50 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा बिहार सरकार के मुताबिक प्याज की खेती पर भी सब्सिडी दी जाएगी। रबी सीजन के दौरान प्याज की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹20,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। इस योजना में रबी प्याज की खेती के लिए कम से कम 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र को लाभ देने का प्रावधान है

प्याज के अलावा हाइब्रिड सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी सब्सिडी दी जाएगी। टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती के लिए ₹24,000 प्रति हेक्टेयर तक सब्सिडी मिल सकती है। इन सब्जियों की खेती के लिए भी 0.10 से 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर लाभ दिया जाएगा।

प्याज स्टोरेज बनाने के लिए आवेदन कैसे करें?

  • बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की वेबसाइट खोलें: https://horticulture.bihar.gov.in/
  • प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत क्लस्टर में सब्जी एवं मसाला योजना या प्याज भंडारण संरचना से संबंधित विकल्प देखें।
  • योजना के नियम, जिले की पात्रता और आवेदन की उपलब्धता की पुष्टि करें।
  • मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी और किसान पंजीकरण से संबंधित विवरण भरें।
  • भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र, राजस्व रसीद या नियमानुसार स्वीकार्य अन्य भूमि दस्तावेज तैयार रखें।
  • डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत बैंक खाते की जानकारी जांचकर आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें।
  • आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद या पंजीकरण संख्या सुरक्षित रखें और विभाग के निर्देशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करें।

आवेदन मंजूर होने के बाद क्या करना होगा?

योजना के तहत चयनित किसान को प्याज स्टोरेज स्ट्रक्चर का निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत नक्शे और एस्टीमेट के अनुसार कराना होगा। इसके बाद संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा सर्वे और वेरिफिकेशन किया जाएगा। सहायता राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार DBT के माध्यम से किया जाएगा।