सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

₹171 करोड़ की लागत से खुला MSME टेक्नोलॉजी सेंटर, हर साल 10000 बच्चों को मिलेगी ट्रेनिंग, जॉब होगी आसान?

Published: Tue, 28 Apr 2026 03:28 PM (IST)

बिहार के बिहटा में ₹171 करोड़ की लागत से MSME टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन हुआ, साथ ही चार एक्सटेंशन सेंटर ...और पढ़ें

बिहटा (सिकंदरपुर में बना MSME टेक्नोलॉजी सेंटर)

बिहटा (सिकंदरपुर में बना MSME टेक्नोलॉजी सेंटर)

HighLights

  1. बिहटा में ₹171 करोड़ की लागत से MSME सेंटर खुला।

  2. हर साल 10,000 युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा।

  3. बिहार में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा।

नई दिल्ली| बिहार की राजधानी पटना से सटे बिहटा में MSME टेक्नोलॉजी सेंटर का उद्घाटन हुआ। इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और MSME मंत्री जीतनराम मांझी पहुंचे। सिकंदरपुर में टेक्नोलॉजी सेंटर के अलावा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, रोहतास और मुंगेर में 4 एक्सटेंशन सेंटर का भी शुभारंभ किया गया। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस सेंटर से हर साल 10 हजार बच्चों को लाभ होगा। इसके अलावा शिक्षा और रोजगार पर जोर देते हुए सीएम सम्राट ने भी इस सेंटर के बारे में जरूरी जानकारी दी है।

₹250 करोड़ की योजना

बिहटा के सिकंदरपुर में बना ये MSME टेक्नोलॉजी सेंटर 15 एकड़ में फैला है। इसे लगभग 171 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, रोहतास, दरभंगा और मुंगेर में लगभग 15-15 करोड़ रुपये की लागत से 15,000 वर्गफुट क्षेत्र में चारों एक्सटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि ये MSME का कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं है लेकिन बिहार में ऐसा पहली बार हुआ है।

 

1000 बच्चों को हर साल मिलेगी ट्रेनिंग

जीतनराम मांझी ने जानकारी दी है कि ये बिहार के MSME जगत के लिए पहला और बहुत बड़ा काम है। इससे करीब 10 हजार बच्चे हर साल ट्रेनिंग लेंगे और उन्हें सर्टिफिकेट दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि हमारा सर्टिफिकेट ऐसा है कि वे कहीं भी जाएंगे उसकी मान्यता रहेगी और काम दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि बिहार के बेरोजगार बच्चों के भविष्य के लिए ये बहुत बड़ा कदम है, भविष्य में उन्हें काफी मदद मिलेगी।

राज्य में ही मिलेगा काम

कार्यक्रम में पहुंचे सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में औद्योगिक विकास, स्टार्टअप कल्चर और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से इस टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना की गई है। इससे राज्य के प्रतिभावान युवाओं को मौका मिलेगा। साथ ही, तकनीकी क्षेत्र में रुचि रखने वाले छात्रों और उद्योगों को भी इससे बड़ी मदद मिलेगी। अब बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा उन्होंने राज्य में सस्ती शिक्षा और गुणवत्ता सुधार को लेकर भी बड़ी बातें कही हैं।

ये भी पढ़ें: Business Idea: फूड आयटम्स बेचने वाले नोट करें 4 जरूरी बातें नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई, आसान भाषा में पूरा प्रोसेस