नई दिल्ली, महेश शुक्ला। जब भी हम लोन लेने की सोचते हैं, एक अहम सवाल हमारा पीछा करता है। वह है क्रेडिट स्कोर...। क्रेडिट इन्फोर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड (सिबिल) एक क्रेडिट रेटिंग फर्म है, जो 550 मिलियन से अधिक उपभोक्ताओं तथा संगठनों की क्रेडिट हिस्ट्री को मैनेज करती है। इसमें वित्तीय संस्थानों, एनबीएफसी, बैंकों एवं होम फाइनैंसिंग कंपनियों सहित 2400 से अधिक सदस्य शामिल हैं। यह ऋण लेने वाले की स्थिति का अनुमान लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

अधिक सिबिल स्कोर होने पर व्यक्ति या संस्थान को लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं दूसरी ओर सिबिल स्कोर कम होने पर, अगर लोन मिल भी जाए तो भी ब्याज अधिक देना पड़ता है। सही तरीके अपनाकर आप अपनी क्रेडिट रेटिंग में सुधार ला सकते हैं।

समय पर चुकाएं ईएमआई

होम लेने लेते समय आप अलग-अलग होम लोन के बीच तुलना करें। देखें कि किसमें आपको ऑफर मिल रहे हैं या फायदा होता है। होम लोन के कई फायदे होते हैं। सबसे पहले तो आपको कर में फायदा मिलता है। सरकार होम लोन पर मूल राशि एवं ब्याज पर कर में छूट देती है। अगर आप दूसरे घर के लिए लोन ले रहे हैं तो आयकर की धारा 24बी के तहत होम लोन के ब्याज की पूरी राशि पर छूट मिलती है। इसके अलावा अन्य कई फायदे भी हैं।

हालांकि जब भी होम लोन लें, आप पूरी योजना बनाकर चलें कि आपको समय पर ईएमआई चुकानी है। सोच-समझ कर फैसला लें कि आपको कितना कर्ज लेना है। आप प्री-पेमेंट की येाजना भी बनाकर चल सकते हैं। इसके लिए सही बजट बनाएं, उसी के हिसाब से प्रॉपर्टी ढूंढें, फिर विभिन्न बैंकों के लोन की तुलना करें। उसके बाद ही आवेदन करें।

कैसे सुधारें क्रेडिट स्कोर

आप जब भी ऋण लें, उसे चुकाने में अनुशासन बरतें। भुगतान के लिए रिमाइंडर लगाएं। अपनी क्रेडिट लिमिट सेट कर लें। अगर लोन रिजेक्ट हो जाए तो आवेदन न करें। क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान समय पर करें। एक समय में बहुत सारा लोन एक साथ न लें।

इंडेक्स फंड में निवेश

इंडैक्स फंड में निवेश करें। ये आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए फायदेमंद हैं। इंडैक्स फंड म्युचुअल फंड होते हैं। इनमें निवेश करने से इन्हें मैनेज करने की लागत कम आती है। इस तरह के फंड में विनियमों पर आधारित निवेश के तरीकों का उपयोग किया जाता है, इसमें निर्धारित राशि को विभिन्न सिक्योरिटीज में लगाया जाता है। इस इंडैक्स में इस तरह से निवेश करें कि आपको पोर्टफोलियो डायसर्टिफाइड हो जाए, आपको विभिन्न सेक्टरों और स्टॉक्स में निवेश करना चाहिए, इससे निवेशक को अच्छा रिटर्न मिलता है।

पैसे के महत्व को समझें

भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए बचत करना बहुत जरूरी है, लेकिन अधिकतर युवा सही समय पर इसके लिए सही फैसला नहीं ले पाते। हालांकि कुछ आसान-सी रणनीतियां अपनाकर सही तरह से बचत की जा सकती है। बचत की तैयारी से पहले बजट बनाएं, अपने वेतन पर निगरानी रखें। देखें कि आप कितना पैसा कहां खर्च कर रहे हैं। इसके बाद निवेश के विभिन्न विकल्प खोजें।

आप अपने करियर में जितना जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना ही आपको कम्पाउन्डिंग का फायदा मिलेगा। म्युचुअल फंड में एसआईपी शुरू करें, इसमें जोखिम कम होता है और रिटर्न भी ज़्यादा मिलता है। अगर आपने निवेश शुरू ही किया है तो आप स्टॉक में भी निवेश कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए सही स्टॉक की समझ होना जरूरी है, नहीं तो आपको नुकसान हो जाएगा। इसके अलावा पीपीएफ खाता लम्बी अवधि में फायदेमंद होता है।

निवेश की योजना कैसे बनाएं?

सबसे पहली अपनी प्राथमिकताएं तय करें और सही प्रोजेक्ट को चुनें। प्रोजेक्ट के डिजाइन और अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। निवेशक को सोच समझकर भावी योजना बनाकर निवेश का चक्र तय करना चाहिए।

(लेखक फिनटेक कंपनी पेमी इंडिया के सीईओ हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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Edited By: Siddharth Priyadarshi

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