अब प्याज के थोक दाम भी बढ़े, यूपी में सबसे अधिक बढ़ी कीमतें! कहां कितने हैं भाव, कब कम होंगे?
देश में प्याज के थोक भावों में भारी उछाल आया है, सितंबर 2026 में औसत कीमत ₹4,249 प्रति क्विंटल पहुंच ...और पढ़ें
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प्याज के थोक दामों में भारी बढ़ोतरी
HighLights
सितंबर 2026 में प्याज का थोक भाव ₹4,249 प्रति क्विंटल हुआ।
उत्तर प्रदेश में प्याज के थोक भाव में 50.7% की वृद्धि।
अक्टूबर के बाद खरीफ फसल आने से प्याज के दाम घटेंगे।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| पिछले 1 महीने ने देश में प्याज की बढ़ी कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की जेब कर दबाव बनाया है। हालांकि सरकार की ओर से कई शहरों में ₹35 प्रति किलो प्याज बेचे जा रहे हैं लेकिन इसका फायदा बेहद कम लोगों को मिल पा रहा है। अब देश की प्रमुख मंडियों में थोक दामों में भी उछाल देखने को मिला है। सितंबर 2026 के राज्यवार थोक मूल्य आंकड़ों के अनुसार प्याज का औसत थोक भाव बढ़कर ₹4,249 प्रति क्विंटल पहुंच गया है, जो अगस्त 2026 में औसत ₹3,235 प्रति क्विंटल था। एक महीने में 31.3% की बढ़ोतरी हुई है। वहीं सितंबर 2025 के औसत ₹1,837 प्रति क्विंटल की तुलना में कीमतें 131.3 फीसदी ऊपर पहुंच गई हैं।
यूपी में बढ़ी सबसे तेज महंगाई
प्याज की बढ़ी कीमतों का असर देश में हर जगह आम ग्राहकों पर सीधा देखने को मिला है, लेकिन स्टेट वाइज आंकड़ों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में प्याज के थोक भाव में सबसे अधिक 50.7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यहां सितंबर में औसत कीमत ₹2,923 प्रति क्विंटल है, जो अगस्त में ₹1,940 थी।
उत्तर प्रदेश के बाद गुजरात में 51.4%, चंडीगढ़ में 47.5%, छत्तीसगढ़ में 46.4%, पंजाब में 46.3% और तेलंगाना में 42.4% की मासिक बढ़ोतरी देखी गई है। इसके अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र और जम्मू-कश्मीर जैसे प्रमुख उपभोक्ता राज्यों में कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक का उछाल दर्ज किया गया है।
यहां बिक रहा सबसे महंगा प्याज
देश में सबसे महंगे प्याज दर की बात करें तो सितंबर 2026 में सबसे अधिक थोक भाव मेघालय में ₹6,117 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके बाद मणिपुर में ₹6,044 प्रति क्विंटल कीमत रही, केरल की बात करें तो ₹6,072 और तमिलनाडु में ₹5,807 प्रति क्विंटल तक दाम रिकॉड किए गए। जम्मू-कश्मीर में प्याज का थोक औसत मूल्य ₹5,338, असम में ₹5,022 और अंडमान-निकोबार में करीब ₹5,000 प्रति क्विंटल भाव रहा।
आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण और पूर्वोत्तर में सबसे महंगा प्याज बिक रहा है। इसका कारण इन राज्यों में परिवहन लागत और सीमित स्थानीय उत्पादन को बताया जा रहा है। इन इलाकों में सप्लाई को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
कब कम होंगे प्याज के दाम?
आम उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर प्याज की कीमतें कब कम होंगी? बता दें अभी बाजार में रबी सीजन वाली स्टोर की गई फसल बेची जा रही है, अक्टूबर के महीने से खरीफ सीजन वाली प्याज की कटाई शुरू हो जाएगी, जिससे मंडियों में प्याज की आवक बढ़ जाएगी। इस लिहाज से संभावना है कि अक्टूबर के बाद से प्याज की कीमतों में कमी आ सकती है।
