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रूस ने रातोंरात बेच दिया 62000 किलो सोना, 10 महीने से धड़ाधड़ खाली कर रहा स्वर्ण भंडार; चीन कैसे उठा रहा फायदा?

Published: Thu, 22 Oct 2026 02:04 PM (GMT+05:30)

Russia Selling Gold: रूस ने सितंबर में 6.2 टन सोना बेचा, जिससे उसका स्वर्ण भंडार 2019 के बाद के सबसे ...और पढ़ें

रूस ने बेचा 62000 किलो सोना स्वर्ण भंडार में भारी गिरावट चीन को फायदा

रूस ने बेचा 62000 किलो सोना स्वर्ण भंडार में भारी गिरावट चीन को फायदा

HighLights

  1. रूस ने सितंबर में 6.2 टन सोना बेचा।

  2. स्वर्ण भंडार 2019 के बाद सबसे निचले स्तर पर।

  3. यूक्रेन युद्ध खर्च और बजट घाटा मुख्य कारण।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अगर आप सोने को एक सुरक्षित निवेश मानते हैं तो आप गलत नहीं हैं। क्योंकि, इस वक्त यही सोना रूस जैसे ताकतवर देश को बड़े आर्थिक संकट से उबार रहा है।

बैंक ऑफ रूस के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, रूस ने सिर्फ सितंबर महीने में 6.2 टन (करीब 62000 किलोग्राम) सोना बेच (Russia selling gold) दिया है। ग्लोबल मार्केट में गोल्ड के रेट के हिसाब से यह कीमत 77.46 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा बैठती है।

लगातार हो रही इस बिक्री के बाद रूस का स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) घटकर 2,264 टन (72.8 मिलियन ट्रॉय औंस) रह गया है। यह 2019 के अंत के बाद इसका सबसे निचला (Russia gold reserves) स्तर है।

1998 के बाद सोने की सबसे बड़ी बिक्री

साल 1998 के वित्तीय संकट के बाद यह पहला मौका है, जब रूस इतनी तेजी से अपने सोने के भंडार को खाली कर रहा है। आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2025 से अब तक रूस करीब 62 टन सोना बेच चुका है।

दरअसल, इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रूस का बढ़ता संघीय बजट घाटा और यूक्रेन युद्ध का खर्च है। अनुमान है कि 2026 के कुल बजट का 38% हिस्सा सिर्फ सेना और सुरक्षा पर खर्च होगा। इसी भारी-भरकम खर्च की भरपाई के लिए सरकार को अपना सोना बेचना पड़ रहा है।

लगातार 10 महीनों से सोने का भंडार घट रहा है, जो 2022 से पहले की रूस की 'सोना जमा करने की रणनीति' के बिल्कुल उलट है। सितंबर के अंत तक रूस के पास 301.6 बिलियन डॉलर का सोना बचा है, जो ठीक एक महीने पहले 333.5 बिलियन डॉलर था।

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चीन उठा रहा है सीधा फायदा

जहां रूस मजबूरी में सोना बेच रहा है, वहीं चीन इसे जमकर खरीद () रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में रूस से चीन को होने वाला कीमती धातुओं (सोना और चांदी) का निर्यात 80% उछलकर 1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी के चलते पिछले 12 महीनों में सोने की कीमतों में करीब 43% का बंपर उछाल भी आया है, जिससे निर्यात का मूल्य और बढ़ गया।

रूसी जनता भी खरीद रही सोना

चीन के बाद रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक देश है, जो हर साल 300 टन से ज्यादा सोना निकालता है। दिलचस्प बात यह है कि न सिर्फ सरकार, बल्कि आम रूसी नागरिक भी अपनी जीवनभर की बचत को सुरक्षित रखने के लिए जमकर सोना खरीद रहे हैं। 2024 में रूसियों ने 75.6 टन सोना खरीदा था, जो देश के कुल वार्षिक उत्पादन का लगभग 25% हिस्सा था।

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