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₹1 लाख से भी नीचे आ जाएगा सोना! बैंक ऑफ अमेरिका का दावा- गिरावट अभी थमी नहीं; BofA ने क्यों जारी किए नए टारगेट?

Published: Wed, 21 Oct 2026 12:31 PM (IST)

Gold Price Outlook: बैंक ऑफ अमेरिका ने सोने की कीमतों में और गिरावट का अनुमान लगाया है, जो 2026 तक ...और पढ़ें

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट का अनुमान: बैंक ऑफ अमेरिका ने जारी किए नए लक्ष्य

सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट का अनुमान: बैंक ऑफ अमेरिका ने जारी किए नए लक्ष्य

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| Gold Price Outlook 2026: सोने की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। ग्लोबल बाजार में सोना 4150 डॉलर प्रति औंस (भारतीय करेंसी में 1.26 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम) के नीचे पहुंच गया है।

दावा है कि सोने की कीमतों पर अभी दबाव बना रह सकता है। बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के अनुमान के मुताबिक, सोना मौजूदा गिरावट के बाद करीब 3,700 डॉलर प्रति औंस तक फिसल सकता है। भारतीय करेंसी में यह कीमत 1.12 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठती है।

बैंक का मानना है कि पिछले कई सालों की तेज बढ़त के बाद सोने की कीमतों को संभलने के लिए अभी और समय या बड़ी गिरावट की जरूरत हो सकती है। हालांकि, अगर सोना इस साल के निचले स्तर को बचाए रखता है, तो तेजी लौटने का रास्ता भी खुल सकता है।

आखिर क्यों गिर सकता है सोना?

बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में करीब 5,595 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सोने में गिरावट शुरू हुई। बैंक इसे लंबी तेजी के बाद चल रहे करेक्शन का हिस्सा मानता है।

16 जुलाई 2026 की अपनी रिपोर्ट में भी बैंक ने कहा था कि सोने को पिछली तेजी के असर से बाहर निकलने के लिए और समय या कीमतों में गिरावट की जरूरत पड़ सकती है।

अब इस करेक्शन को करीब 38 हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन बैंक के मुताबिक, पिछली तेजी की तुलना में यह अवधि अभी छोटी है। इसलिए सोने में गिरावट का दौर आगे भी जारी रह सकता है।

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$4,697 और $4,472 के स्तर अहम

बैंक के बेस केस के मुताबिक, जब तक सोना 4,697 डॉलर के स्तर को पार नहीं करता, तब तक गिरावट की आशंका बनी रहेगी। यह जनवरी के उच्च स्तर के बाद बने अहम चार्ट स्तरों में से एक है। बैंक ने 4,472 डॉलर के आसपास मौजूद 50-सप्ताह के मूविंग एवरेज को भी महत्वपूर्ण बताया है।

बैंक की रणनीति के मुताबिक, 4,000 डॉलर से नीचे सोने में धीरे-धीरे खरीदारी की जा सकती है। करीब 3,700 डॉलर पर खरीद बढ़ाने और 3,500 से 3,250 डॉलर (Gold Price Outlook) के दायरे में बाकी निवेश लगाने पर विचार किया जा सकता है। ये बैंक के विश्लेषण पर आधारित स्तर हैं, निश्चित लक्ष्य नहीं।

बैंक के मुताबिक, गोल्ड के लिए 3,250 डॉलर का सबसे अहम लेवल होगा, जो भारतीय करेंसी में 98 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास होगा।

डॉलर की मजबूती भी सोने के लिए चुनौती

बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉलर इंडेक्स (DXY) के 104.59-105 तक जाने की संभावना जताई गई है। डॉलर इंडेक्स पहले ही 102.86 पार कर 18 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। मजबूत डॉलर आम तौर पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदने वालों के लिए इसे महंगा बनाता है और कीमतों पर दबाव डाल सकता है।

इसके अलावा, बैंक ने यूरो के मुकाबले डॉलर में मजबूती की संभावना भी जताई है। EUR/USD के लिए अगला गिरावट का स्तर 1.0880 बताया गया है।

कब लौट सकती है सोने में तेजी?

बैंक का दूसरा अनुमान यह है कि अगर सोना इस साल के निचले स्तर 3,943 डॉलर से नीचे नहीं जाता और बाद में गिरावट की ट्रेंडलाइन तथा 50-सप्ताह के मूविंग एवरेज के ऊपर निकलता है, तो डबल बॉटम बन सकता है। ऐसी स्थिति में करेक्शन खत्म होने और 2027 में सोने के नए रिकॉर्ड स्तर बनाने की संभावना मजबूत हो सकती है।

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