4 साल बाद इंटरनेशनल मार्केट में लौटा भारत का गेहूं, टूट पड़े खरीदार! बांग्लादेश ने की 200000 टन की बुकिंग, इस देश ने भी की डील
भारत ने गेहूं निर्यात पर से प्रतिबंध हटा लिया है, जिसके बाद एशियाई देशों में इसकी मांग बढ़ गई है। ...और पढ़ें

गेहूं खरीदने के लिए बांग्लादेश ने किया भारत का रुख
HighLights
भारत ने गेहूं निर्यात प्रतिबंध हटाया, अंतरराष्ट्रीय बाजार में वापसी।
बांग्लादेश ने 2 लाख टन भारतीय गेहूं की डील की।
श्रीलंका ने भी भारत से 60,000 टन गेहूं खरीदा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध के कारण काला सागर में ताबड़तोड़ हमले हुए, जिसके चलते सप्लाई चेन की समस्या देखी गई। इसका असर एशियाई देशों पर भी देखने को मिला है। हालांकि भारत को बांग्लादेश के रूप में गेहूं का बाजार मिला है। भारत की ओर से गेहूं निर्यात पर लगी रोक हटाए जाने के बाद बांग्लादेश ने एक बार फिर भारतीय गेहूं की खरीद शुरू कर दी है।
ग्लोबल मार्केट में गेहूं की कीमतें बढ़ने और ब्लैक सी क्षेत्र में व्यापारिक बाधाओं के बीच भारतीय गेहूं बांग्लादेश के लिए सस्ता और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरा है।
4 साल बाद बांग्लादेश ने किया भारत का रुख
जानकारों के अनुसार, अगस्त के अंत में भारत द्वारा निर्यात पर लगे प्रतिबंध हटाने के बाद बांग्लादेशी आयातकों ने भारत से 2 लाख टन से अधिक गेहूं खरीदने की डील की है। साल 2022 के बाद यह भारत की पहली बड़ी गेहूं बिक्री मानी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश को हर साल 70 लाख टन से अधिक गेहूं आयात करना पड़ता है।
मई 2022 में भारत द्वारा गेहूं निर्यात पर रोक लगाने से पहले बांग्लादेश के कुल गेहूं आयात में भारत की हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी थी। इसके बाद बांग्लादेश ने अर्जेंटीना, कनाडा, रूस और यूक्रेन जैसे देशों से खरीद बढ़ाई, जिसके बाद उसका लगभग 40 फीसदी आयात ब्लैक सी क्षेत्र से होने लगा।
कितने में होगी भारतीय गेहूं की बिक्री?
भारत से बांग्लादेश भेजे जाने वाले अधिकांश गेहूं की ढुलाई रेल मार्ग से की जाएगी। मामले से जुड़े जानकारों ने मीडिया को बताया कि, बांग्लादेश तक भारतीय गेहूं की कीमत 305 डॉलर से 326 डॉलर प्रति टन के बीच रहेगी। यह ऑस्ट्रेलियाई गेहूं की तुलना में काफी सस्ता है, जिसकी कीमत फिलहाल बांग्लादेशी खरीदारों को 450 डॉलर प्रति टन से अधिक पड़ रही है।
वहीं दूसरी ओर सिर्फ बांग्लादेश ही नहीं बल्कि श्रीलंका के आयातकों ने भी हाल ही में भारत से करीब 60,000 टन गेहूं खरीदा है। इसकी कीमत शिपमेंट से पहले लगभग 325 डॉलर प्रति टन बताई जा रही है।
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बढ़ती महंगाई के बीच राहत
ग्लोबल मार्केट में गेहूं की ऊंची कीमतों का असर बांग्लादेश की खाद्य महंगाई पर भी दिख रहा है। राजधानी ढाका में पिछले एक महीने के दौरान गेहूं के आटे की कीमतों में लगभग 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम दूरी, कम मालभाड़ा लागत और प्रतिस्पर्धी कीमतों के कारण भारतीय गेहूं दक्षिण एशियाई देशों के लिए फिर से बेहतर विकल्प बन रहा है। भारत की बाजार में वापसी से बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों को सस्ती दरों पर गेहूं उपलब्ध होने की उम्मीद है।
