अपने ही बिछाए जाल में फंसा चीन, चावल से बने प्रोडक्ट्स में EU ने ढूंढे GMO के अंश; 125 खेपों में पकड़ा गया ड्रैगन का घोटाला
चीन, जिसने भारत के चावल निर्यातकों को GMO के आरोप में निलंबित किया था, अब खुद यूरोपीय संघ द्वारा अपने ...और पढ़ें

GMO के दांव चीन पर पड़ा उल्टा
HighLights
यूरोपीय संघ ने चीनी चावल उत्पादों में GMO पाए।
चीन ने भारत के चावल निर्यातकों को GMO पर निलंबित किया था।
RASFF ने 2006 से 125 से अधिक अलर्ट जारी किए।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| चीन ने हाल ही में भारत के कई चावल निर्यातकों को GMO का हवाला देते हुए सस्पेंड किया है। लेकिन अब वह खुद ही शक के दायरे में आ गया है। दरअसल यूरोपीय संघ (EU) ने इस साल अब तक चीन से आए कम-से-कम 5 चावल के क्रैकर्स, नूडल्स और आटे की खेपों में आनुवंशिक रूप से संशोधित जीव यानि GMO पाए हैं। यह जानकारी EU की रैपिड अलर्ट सिस्टम फॉर फूड एंड फीड (RASFF) द्वारा जारी नोटिफिकेशनों से मिली है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब चीन ने इसी साल मार्च से भारतीय चावल की खेपों को कथित रूप से GMO की मौजूदगी के आधार पर खारिज किया है। इसके अलावा, उसने कजाकिस्तान, रूस, यूक्रेन, बेलारूस और जापान से आई खेपों को भी लौटा दिया है। बता दें ये ऐसे देश हैं जहां GMO फसलों की खेती प्रतिबंधि है। आंकड़े बताते हैं कि चीन ने जनवरी से जून के बीच रिकॉर्ड 146 खेपों को खारिज किया, जो 2025 में खारिज की गई 38 खेपों से लगभग चार गुना अधिक है।
पकड़ी गई चीन की बदमाशी
RASFF नोटिफिकेशनों के अनुसार, GMO की मौजूदगी राइस स्टिक्स, क्रैकर्स, नूडल्स और हाइड्रोलाइज्ड राइस फ्लोर में पाई गई है। इसके अलावा, जापानी पारंपरिक मसाले मिसो पेस्ट में भी GMO पाया गया, जो किण्वित सोयाबीन, नमक और कोजी नामक फंगस से बनाया जाता है।
EU ने 12 मार्च, 6 और 12 जुलाई, 3 अगस्त और 8 सितंबर को इस संबंध में अलर्ट जारी किए। सबसे हालिया मामले में, इटली के अधिकारियों ने राइस स्टिक्स में “अनऑथराइज्ड GMO 35 S टर्मिनेटर” पाया। S टर्मिनेटर मिट्टी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया Agrobacterium tumefaciens से प्राप्त एक विशेष DNA अनुक्रम है, जो आनुवंशिक रूप से संशोधित जीवों में जीन ट्रांसक्रिप्शन के अंत का संकेत देता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वैज्ञानिक इसका उपयोग ट्रांसजेनिक पौधों को विकसित करने के दौरान करते हैं। यह एक प्रमोटर के साथ मिलकर काम करता है ताकि पौधों की कोशिकाएं डाले गए जीनों को सही तरीके से व्यक्त कर सकें।
3 अगस्त को इटली ने चीन से आए राइस क्रैकर्स में GMO की मौजूदगी की सूचना दी थी, जबकि नीदरलैंड ने 6 जुलाई को चीन से आई हाइड्रोलाइज्ड राइस फ्लोर की खेपों में GMO पाए जाने की जानकारी दी थी।
चीन की 125 खेपों में गड़बड़ी
चीन से आए मिसो पेस्ट में, नीदरलैंड के अधिकारियों ने 12 जुलाई को Cry1AB/AC GMO की मौजूदगी पाई। 12 मार्च को भी नीदरलैंड ने बताया था कि उसके अधिकारियों ने राइस नूडल्स में यही Cry1AB/AC पाया है। यह एक संयुक्त या फ्यूज्ड Bt जीन है, जिसका उपयोग पहले कपास में किया गया था और अब चावल तथा जूट जैसी अन्य फसलों में भी किया जाता है।
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आंकड़ों के अनुसार, 2002 से 2025 के बीच EU ने चीन के खाद्य एक्सपोर्ट के खिलाफ GMO से संबंधित 275 से अधिक नोटिफिकेशन जारी किए हैं। केवल चीनी चावल-आधारित उत्पादों के खिलाफ 2006 से 2025 के बीच 125 से अधिक अलर्ट नोटिफिकेशन जारी हुए हैं। इसके मुकाबले, भारत से खाद्य निर्यात में GMO की मौजूदगी को लेकर केवल एक नोटिफिकेशन दर्ज किया गया है, जबकि इस साल बीजिंग ने भारतीय चावल की खेपों में GMO होने का आरोप लगाया है।
चीन का GM चावल घोटाला
रिटायर्ड USDA अर्थशास्त्री फ्रेड गेल ने अपने ब्लॉग Dim Sums में कहा कि, “चीन GM चावल उगाने से इनकार करता है, लेकिन अतीत में ऐसे घोटाले सामने आए हैं जब साइंटिफिक टेस्ट में उगाया गया GM चावल चीनी बाजार में पहुंच गया था।”
अनऑथराइज्ड GM सामग्री चीनी चावल-आधारित उत्पादों में पाई गई है और माना जाता है कि यह उन सामग्रियों का रिसाव है जिनका परीक्षण किया जा रहा था। RASFF अलर्ट मुख्य रूप से अनऑथराइज्ड GM चावल की किस्मों, जैसे Bt-63, KeMingDao या Cry1Ab/Ac, से जुड़े रहे हैं, जो चीनी राइस नूडल्स, वर्मिसेली और चावल के आटे में पाए गए।
