त्योहारों से पहले भारत ने की 11 महीने की रिकॉड खाद्य तेलों की खरीद, फिर बढ़ने वाले हैं कुकिंग ऑय के दाम?
भारत ने त्योहारों से पहले अपनी खाद्य तेल की मांग को पूरा करने के लिए अगस्त में रिकॉर्ड मात्रा में ...और पढ़ें

खाद्य तेलों का आयात 11 महीने के हाई लेवल पर
HighLights
अगस्त में भारत का खाद्य तेल आयात 11 महीने के उच्चतम स्तर पर।
त्योहारी मांग पूरी करने के लिए सोयाबीन और पाम तेल का रिकॉर्ड आयात।
भारत की खरीद से वैश्विक बाजार में खाद्य तेलों की कीमतें बढ़ने की आशंका।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशी देशों से आयात करता है। नवरात्रि और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के भारत ने अपने खाद्य तेल की मांग को पूरा करने की तैयारी कर ली है। अगस्त में रिकॉर्ड मात्रा में सोयाबीन तेल (सोयाइल) का आयात किया, वहीं पाम तेल का इंपोर्ट 6 महीने के हाई लेवल पर पहुंच गया। उद्योग संगठन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (SEA) के अनुसार, रिफाइनरों ने आने वाले महीनों में बढ़ने वाली मांग को देखते हुए खाद्य तेलों का स्टोरेज बढ़ाया है।
11 महीनों के हाई लेवल पर इंपोर्ट
SEA द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में भारत का पाम तेल इंपोर्ट जुलाई की तुलना में 7 प्रतिशत बढ़कर 7.83 लाख टन (782,761 टन) हो गया। यह फरवरी के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, सोयाबीन तेल का आयात 26% की बढ़ोतरी के साथ रिकॉर्ड 6.29 लाख टन (628,736 टन) पर पहुंच गया। दूसरी ओर, सूरजमुखी तेल का आयात 36% घटकर 1.61 लाख टन (160,639 टन) रह गया। इन बढ़ोतरी के चलते देश का कुल खाद्य तेल आयात अगस्त में 1.5 प्रतिशत बढ़कर 15.7 लाख टन हो गया, जो पिछले 11 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
त्योहारों को देखते हुए बढ़ा इंपोर्ट
इंडस्ट्री के जानकारों ने मीडिया को बताया कि अगस्त से नवंबर के बीच भारत में गणेशोत्सव, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार आते हैं। इस दौरान मिठाइयों, स्नैक्स और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ने से खाद्य तेलों की खपत भी तेजी से बढ़ती है। इसी को देखते हुए रिफाइनरों ने पहले से ही आयात बढ़ाकर स्टॉक तैयार करना शुरू कर दिया है।
मुंबई स्थित एक ग्लोबल ट्रेडिंग हाउस के डीलर के अनुसार, आगामी त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए रिफाइनरों ने पाम तेल और सोयाबीन तेल की खरीद बढ़ाई है।
ग्लोबल मार्केट में बढ़ेंगे तेल के दाम
भारत दुनिया का सबसे बड़ा वनस्पति तेल इंपोर्ट करने वाला देश है। ऐसे में भारत की बढ़ी हुई खरीदारी से इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे प्रमुख पाम तेल उत्पादक देशों साथ ही अर्जेंटीना जैसे सोयाबीन तेल निर्यातक देशों को अपने स्टॉक कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही ग्लोबल मार्केट में पाम तेल और सोयाबीन तेल की कीमतें बढ़ने की भी आशंका जताई गई है।
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि त्योहारी सीजन के दौरान मांग मजबूत बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में भी खाद्य तेलों का आयात ऊंचे स्तर पर बना रह सकता है।
