चीनी की कीमतों पर अलनीनो का असर! जुलाई के लिए केंद्र ने किया 22 लाख टन कोटा आवंटित, ताजा भाव भी जानिए
सरकार ने जुलाई के लिए 22 लाख टन चीनी का मासिक कोटा आवंटित किया है, जो पिछले साल के स्तर ...और पढ़ें
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सरकार ने जुलाई के लिए 22 लाख टन चीनी का कोटा आवंटित किया
HighLights
जुलाई के लिए 22 लाख टन चीनी कोटा आवंटित।
अलनीनो के कारण गन्ने की पैदावार में कमी।
घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें बढ़ीं।
नई दिल्ली| अलनीनो और कमजोर मानसून के कारण खरीफ फसलों की बुवाई में गिरावट आई है। सरकार ने गन्ने की कम पैदावार के अनुमान के बीच चीनी के निर्यात (Sugar Export) पर रोक लगा दी है। अब सरकार ने घरेलू आपूर्ति का मासिक कोटा आवंटित कर दिया है। बता दें कि मार्च से घरेलू बिक्री के लिए चीनी का मासिक कोटा कम आवंटित करने के बाद, केंद्र ने जुलाई में आपूर्ति को पिछले साल के स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया है। हालांकि देशभर में चीनी की कीमतें बढ़ने की भी खबर आ रही है।
घरेलू बिक्री के लिए 22 लाख टन आवंटित
इस साल भू-राजनीति, मौसम की मार और कई अन्य कारणों से मार्च के बाद सरकार ने चीनी के मासिक कोटे के आवंटन में कमी की थी। खाद्य मंत्रालय ने जुलाई में घरेलू बिक्री के लिए 22 लाख टन मासिक कोटा आवंटित किया है, जो पिछले साल के इस महीने के बराबर है। रिपोर्ट्स की मानें तो जुलाई में हुए आवंटन के साथ, 2025-26 चीनी सीजन (अक्टूबर-सितंबर) के लिए संचयी घरेलू कोटा (Cumulative Domestic Quota) 223 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले सीजन की इसी अवधि के दौरान आवंटित 229.5 लाख से लगभग 3 प्रतिशत कम है।
किन राज्यों को कितना कोटा आवंटित?
जुलाई 2026 के रिलीज आदेश के तहत, उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों को 8.23 लाख टन का कोटा आवंटन किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 9 फीसदी कम है। जबकि इसके उलट महाराष्ट्र को 7.18 लाख टन का कोटा निर्धारित किया गया हैं, जो 8.5 प्रतिशत अधिक है। वहीं कर्नाटक को 3.18 लाख टन आवंटित किए गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा अन्य राज्यों को मिलाकर 3.41 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जो एक साल पहले की तुलना में लगभग 12 प्रतिशत कम है।
चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी
घरेलू बाजारों में चीनी की कीमतें भी बढ़ने लगी हैं। दिल्ली NCR में चीनी की खुदरा कीमतें कुछ महीने तक ₹46 प्रति किलो थी जो कि बढ़कर ₹50 प्रति किलो तक हो गई है। 30 जून तक देशभर में औसत खुदरा कीमत ₹47 प्रति किलो दर्ज की गई, जो 30 सितंबर, 2025 को ₹46.54 दर्ज की गई थी। वहीं औसत थोक मूल्य 30 जून को ₹4,363.68 प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले साल सितंबर के अंत में ₹4,317.63 था।
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निर्यात की संभावना कम
उद्योग सूत्रों ने मीडिया को बताया कि जुलाई के घरेलू कोटा को पिछले साल के स्तर पर बनाए रखने का मतलब है, कि अगले सीजन में निर्यात की अनुमति मिलने की संभावना बहुत कम है। क्योंकि गन्ने की खेती के रकबे में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है, साथ ही अलनीनो की वजह से पैदावार में भी काफी प्रभाव पड़ने की आशंका है।
