मिडिल ईस्ट में बढ़ी भारत के चावल की मांग, बासमती का भाव ₹5000 के पार! इन किसानों की होगी चांदी
मिडिल ईस्ट में बढ़ती मांग के कारण हरियाणा में बासमती धान की कीमतें ₹5,000 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई ...और पढ़ें

बासमती की कीमत में उछाल
HighLights
हरियाणा में बासमती धान ₹5000 प्रति क्विंटल पार पहुंचा।
मिडिल ईस्ट से निर्यात मांग बढ़ने से कीमतें बढ़ीं।
किसानों को पिछले साल से बेहतर आय मिल रही है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| इस साल की शुरुआत से ही मिडिल ईस्ट में चल रही उथल-पुथल से भारत को व्यापारिक रूप में शिपमेंट और कंटेनर फ्रेट बढ़ने जैसी कई समस्याएं देखने को मिली हैं। हालांकि बासमती किसानों के लिए खुशखबरी सामने आई है। हरियाणा में प्रीमियम बासमती धान उगाने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। राज्य की कई मंडियों में बासमती धान की कीमत ₹5,000 प्रति क्विंटल के पार पहुंच गई है। कुछ मंडियों में इसका अधिकतम भाव ₹5,500 के करीब पहुंच गया है। इससे किसानों को पिछले साल के मुकाबले बेहतर कीमत मिल रही है। कारोबारियों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती की कीमतों में बढ़ोतरी और निर्यात मांग से घरेलू मंडियों में बेहतर दाम देखने को मिल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हिसार जिले की बरवाला मंडी में बासमती की किस्म पूसा 1121 का अधिकतम भाव ₹5,471 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। वहीं, पानीपत जिले की बापौली मंडी में इसका भाव ₹5,391 तक पहुंच गया। पलवल जिले की हसनपुर मंडी में पूसा 1121 को अधिकतम ₹5,050 और फरीदाबाद जिले की बल्लभगढ़ मंडी में ₹5,201 प्रति क्विंटल तक का भाव मिला।
पिछले साल से ज्यादा मिल रहा भाव
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल हरियाणा में बासमती धान की कीमत ₹3,500 से ₹4,600 प्रति क्विंटल के बीच थी। इस साल किसानों को अलग-अलग किस्मों और क्वालिटी के आधार पर ₹4,500 से ₹5,300 प्रति क्विंटल तक भाव मिल रहा है। हालांकि, मंडी, नमी, दाने की क्वालिटी और खरीदारों की मांग के अनुसार कीमतों में अंतर है।
हरियाणा में बासमती की औसत पैदावार 18 से 22 क्विंटल प्रति एकड़ आंकी गई है। इस हिसाब से किसानों को प्रति एकड़ करीब ₹81,000 से ₹1.60 लाख तक का ग्रॉस रेवेन्यू मिल सकता है। यह खेती की लागत घटाने से पहले की कमाई है।
मूछल किस्म का भाव भी ₹5,000 के पार
यमुनानगर जिले के रादौर के किसान अंकुश संसरवाल ने बीते दिनों मीडिया को बताया कि उन्होंने 5 एकड़ में उगाई गई मूछल किस्म की फसल करीब ₹4,700 से ₹5,000 प्रति क्विंटल के भाव पर बेची। उनके अनुसार, इससे उन्हें प्रति एकड़ ₹1.10 लाख से अधिक पैसे मिले। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी में पहली बार मूछल किस्म का भाव ₹5,000 प्रति क्विंटल तक पहुंचा है।
निर्यात मांग से बढ़ी कीमत
बासमती की पूसा 1121 किस्म अपने लंबे दाने और पकने के बाद दाने की लंबाई बढ़ने के कारण जानी जाती है। घरेलू चावल मिलों और विदेशी खरीदारों के बीच इसकी मांग रहती है। कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने से भारतीय बासमती के व्यापार को मजबूती मिली है। मिडिल ईस्ट से जुड़े खाड़ी देश भारतीय बासमती के प्रमुख खरीदार हैं।
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के मुताबिक, पंजाब में बासमती किसानों को पिछले साल के मुकाबले करीब 53 फीसदी अधिक कीमत मिल रही है। पश्चिम एशिया में मांग ने भी कीमतों को समर्थन दिया है। हालांकि, ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच माल ढुलाई और समुद्री मार्गों से जुड़ी अनिश्चितताएं निर्यातकों के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
ये भी पढ़ें: भारत ने जमकर खरीदी अरहर! दीवाली से पहले ₹300 तक घटे दाम, सूखे की चिंता के बीच आगे कैसी रहेगी सप्लाई?
किसानों के लिए क्यों अहम है बासमती का भाव?
बासमती धान की बिक्री मुख्य रूप से खुले बाजार में होती है। सामान्य धान की तरह इसकी खरीद MSP आधारित सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत बड़े पैमाने पर नहीं होती। इसलिए किसानों की कमाई पर मंडी की कीमतों और निर्यात मांग का सीधा असर पड़ता है।
हरियाणा में करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, फतेहाबाद और यमुनानगर बासमती उत्पादन और कारोबार के प्रमुख क्षेत्र हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ने से इन क्षेत्रों के किसानों को बेहतर कीमत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आगे भाव किस स्तर पर बने रहेंगे, यह निर्यात मांग, वैश्विक प्रतिस्पर्धा, मंडियों में आवक और सरकारी व्यापार नीतियों पर निर्भर करेगा।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।