Gold Silver छोड़ो 43% महंगा हो गया धनिया, इन 3 वजहों से कीमत ऑल टाइम हाई; किन राज्यों को सबसे ज्यादा असर?
Dhaniya Price Hike: वैश्विक तनाव के बावजूद धनिया की कीमतों ने निवेशकों को चौंकाया है। पिछले एक साल में 43% ...और पढ़ें

धनिया की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर, सोना-चांदी को पछाड़ा; जानें तेजी के कारण

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नई दिल्ली| वैश्विक तनाव के बीच सोने-चांदी (gold silver price) की कीमतों ने सभी का ध्यान खींचा। खासकर पिछले एक महीने में, जब दोनों धातुओं की कीमतों ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और उसी तेजी से कीमतें भी औंधे मुंह गिरीं। लोग सोना-चांदी और अन्य धातुओं की बात करते रहे।
लेकिन इस बीच धनिया ने निवेशकों को मालामाल कर दिया।पिछले एक साल में धनिया (dhaniya price hike) की कीमत 43 फीसदी से ज्यादा तक महंगी हो गई है। जबकि पिछले एक महीने में धनिया के दाम करीब 10% तक चढ़ गए हैं।
दो फरवरी 2026 को नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज लिमिटेड (NCDEX) पर धनिया 12054 रुपए (dhaniya price today) प्रति क्विंटल रहा, जो इसका ऑल टाइम (dhaniya all time high) हाई भी रहा। वहीं 52 हफ्ते का लो लेवल 6780 रुपए है। यानी पिछले धनिया के दाम पिछले एक साल में 5274 रुपए चढ़ गए हैं।
खेती एक्सपर्ट्स की माने तों तो धनिया की चढ़ी कीमतों की सबसे बड़ी वजह है- कम बुवाई और फसल पर बढ़ते मौसमीय खतरे। उत्पादन घटने की आशंका और मजबूत निर्यात मांग ने बाजार में तेजी का माहौल बना दिया है।
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गुजरात और राजस्थान में सबसे ज्यादा असर
सबसे बड़ा असर गुजरात (Gujarat) में दिख रहा है। यहां धनिया की बुवाई 3.78% घटकर करीब 1,25,510 हेक्टेयर रह गई है। कम रकबा सीधे तौर पर संभावित उत्पादन गिरावट का संकेत दे रहा है, जिससे सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है।
दूसरी तरफ राजस्थान (Rajasthan) के प्रमुख उत्पादक जिलों जयपुर (Jaipur), अजमेर (Ajmer), दौसा (Dausa) और टोंक (Tonk) में मौसम बड़ा जोखिम बना हुआ है। यहां पाला (फ्रॉस्ट) और पाउडरी मिल्ड्यू बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
खेती विशेषज्ञों ने बताईं बड़ी समस्याएं
खेती विशेषज्ञों के मुताबिक, फूल आने के समय अचानक तापमान गिरने से कई समस्याएं हो सकती हैं। जैसे -फूल झड़ सकते हैं, परागण (पॉलिनेशन) प्रभावित होता है और दाने छोटे रह सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन कारणों से पैदावार घटने का डर है। हालांकि किसान ठंड से बचाव के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं, फिर भी मौसम का जोखिम पूरी तरह टला नहीं है।
निर्यात भी कीमतों में तेजी की बड़ी वजह
तेजी की एक और बड़ी वजह निर्यात है। अप्रैल से नवंबर 2025 के दौरान धनिया निर्यात में सालाना आधार पर करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खासतौर पर नवंबर महीने में निर्यात में तेज मासिक और सालाना उछाल देखने को मिला, जिससे अंतरराष्ट्रीय मांग मजबूत बनी हुई है।
कुल मिलाकर, कम बुवाई + मौसम का खतरा + मजबूत निर्यात, इन तीन वजहों ने मिलकर धनिया बाजार में तेजी को मजबूती दी है। अगर मौसम का जोखिम बना रहा, तो दामों में ऊंचे स्तर पर मजबूती जारी रह सकती है।
