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चीनी का MSP ₹31 से बढ़ाकर ₹42 किलो करने की मांग! किसानों को भुगतान के 2 ऑप्शन, एथनॉल प्रोडक्शन में कमी की आशंका

Published: Sat, 07 Nov 2026 11:51 AM (IST)

ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) ₹31 से बढ़ाकर ₹42 प्रति ...और पढ़ें

चीनी का MSP बढ़ाने की मांग

चीनी का MSP बढ़ाने की मांग

HighLights

  1. AISTA ने चीनी का MSP ₹31 से ₹42 करने की मांग की।

  2. गन्ना किसानों को भुगतान के लिए दो नए विकल्प प्रस्तावित।

  3. खराब मौसम से एथनॉल उत्पादन घटने की आशंका, कर्ज राहत मांगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। चीनी व्यापार निकाय ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (AISTA) ने सरकार से चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (MSP) ₹31 प्रति किलो से बढ़ाकर ₹42 प्रति किलो करने की मांग की है। संगठन ने गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) को उचित और न्यायसंगत बताते हुए इसका समर्थन किया है। AISTA ने ये मांगें पूर्व नीति आयोग सदस्य रमेश चंद की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय समिति के सामने रखी गई प्रस्तुति में कीं। इस समिति का गठन 13 अक्टूबर को मुख्य रूप से कर्नाटक और महाराष्ट्र में प्रदर्शन कर रहे गन्ना किसानों की शिकायतों का समाधान करने के लिए किया गया था। समिति ने 4 नवंबर को पहले बेंगलुरु और बाद में पुणे में गन्ना किसानों से मुलाकात की। पुणे में हुई बैठक में AISTA का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ।

गन्ने का MSP ₹4,200 प्रति क्विंटल करने की मांग

AISTA के अध्यक्ष प्रफुल्ल विठलानी ने मीडिया से कहा कि चीनी का MSP फरवरी 2019 से नहीं बदला है। इसे बढ़ाकर कम से कम ₹4,200 प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए, ताकि चीनी मिलें उत्पादन लागत से कम कीमत पर चीनी बेचने के लिए मजबूर न हों।

सरकार ने 5 मई को 2026-27 के चीनी सीजन (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) ₹365 प्रति क्विंटल तय किया था। यह मूल्य 10.25 प्रतिशत की बुनियादी चीनी रिकवरी दर से जुड़ा है। विठलानी ने कहा कि उस समय सभी संबंधित पक्षों ने इस कीमत को व्यापक रूप से स्वीकार किया था। उन्होंने कहा, हमें इस समय उसी मुद्दे पर आंदोलन करने का कोई कारण नजर नहीं आता। AISTA ने यह भी कहा कि भारत में गन्ने की कीमतें दुनिया के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल हैं।

किसानों को भुगतान के लिए 2 ऑप्शन का प्रपोजल

एसोसिएशन ने समिति से गुजरात में लागू भुगतान व्यवस्था का रिव्यू करने का आग्रह किया। इसके तहत दो विकल्प प्रपोज किए गए हैं। किसान गन्ने की सप्लाई के 7 से 14 दिनों के भीतर पूरा FRP भुगतान प्राप्त कर सकते हैं या तीन किस्तों में भुगतान स्वीकार करने पर FRP के साथ 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रीमियम हासिल कर सकते हैं।

चीनी उद्योग ने सरकार से एथेनॉल डिस्टिलरी स्थापित करने के लिए लिए गए कर्ज पर भी राहत मांगी है। ये डिस्टिलरी सरकार के पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण के लक्ष्य को पूरा करने के कार्यक्रम के तहत स्थापित की गई थीं।

एथनॉल प्रोडक्श कम होने की आशंका

AISTA ने कहा कि खराब मौसम के कारण मौजूदा और अगले चीनी सीजन में एक्स्ट्रा सुक्रोज की उपलब्धता सीमित रहने की आशंका है। इससे एथनॉल उत्पादन प्रभावित हो सकता है और चीनी मिलों के लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो सकता है।

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एसोसिएशन ने प्रभावित चीनी आधारित एथेनॉल प्रोजेक्ट के लिए मूलधन और ब्याज भुगतान पर 2 साल की मोहलत देने की मांग की है। साथ ही, इस अवधि के दौरान सरकार से ब्याज सब्सिडी को मौजूदा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का आग्रह किया है, ताकि इन कर्जों के NPA में बदलने से रोका जा सके।

 

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