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'हमारे लिए दुआ करो', ₹1 लाख करोड़ साम्राज्य के मालिक भारतीय अरबपति को AI ने डराया; कर्मचारियों से मांगी माफी

Published: Tue, 13 Oct 2026 03:19 PM (IST)

जोहो के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने AI के कारण बढ़ी लागत और भू-राजनीतिक चुनौतियों के चलते कर्मचारियों को इंक्रीमेंट न ...और पढ़ें

AI के कारण Zoho कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं।

AI के कारण Zoho कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं।

HighLights

  1. AI के कारण Zoho कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं।

  2. संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने कर्मचारियों से मांगी माफी।

  3. सॉफ्टवेयर बिजनेस का भविष्य अनिश्चित, लागत बढ़ी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत की IT कंपनी जोहो (Zoho) इस समय चर्चा में है। कंपनी के फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करके अपने कर्मचारियों से माफी मांगी। दरअसल, एआई की वजह से इस बार जोहो अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं दे रही।

सैलरी में इजाफा क्यों नहीं किया जाएगा इसके पीछे का कारण भी श्रीधर वेम्बू ने अपनी पोस्ट में बताया है और साथ ही कहा है कि हमारे लिए दुआ करें।

1 लाख करोड़ से ज्यादा है जोहो की वैल्यूएशन

श्रीधर वेम्बू की जोहो शेयर बाजार में लिस्ट नहीं है। इसकी अनुमानित वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। पिछले साल यह कंपनी अपने मैसेजिंग एप Arattai के कारण चर्चा में आई थी। कंपनी का यह प्रोडक्ट WhatsApp की ही तरह है।

इस मैसेजिंग एप के अलावा जोहो अपने क्लाइंट्स के लिए कई तरह के डिजिटल प्रोडक्टस भी बनाती है। जैसे माइक्रोसॉफ्ट का पावर प्वाइंट, गूगल का जीमेल है, ठीक उसी प्रकार जोहो का जोहो शो है और जोहोमेल है।

भारत के कई सरकारी मंत्रालय भी इस कंपनी के जोहो मेल और जोहो शो जैसे सर्विसेज का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, एआई की वजह से जोहो पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। यही कारण है कि जोहो अपने कर्मचारियों को इंक्रीमेंट नहीं दे रही है।

फाउंडर श्रीधर वेम्बू ने एक्स पर लिखा- "सॉफ्टवेयर बिजनेस का भविष्य अनिश्चित है और AI की वजह से लागत बहुत बढ़ गई है। इसके दो मुख्य कारण हैं डेटा सेंटर के लिए जरूरी सर्वर की कीमतों में भारी (4 गुना) बढ़ोतरी और AI का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल, जिससे खर्च बहुत बढ़ गया है और हम इसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे हैं।"

उन्होंने आगे लिखा कि इसके अलावा, जियोपॉलिटिकल हालात भी चुनौतीपूर्ण हैं। इन सबके चलते जोहोने अपने मार्केटिंग बजट में कटौती की है। और अपने कर्मचारियों को यह भी बता दिया है कि इस साल हम आम तौर पर दी जाने वाली सैलरी बढ़ोतरी नहीं कर पाएंगे।

श्रीधर ने लिखा- "ऐसा न कर पाने के लिए मैंने उनसे मांफी भी मांगी है। हम बड़े पैमाने पर छंटनी से बचने की पूरी कोशिश करेंगे, लेकिन आम तौर पर सॉफ्टवेयर नौकरियों का भविष्य अच्छा नहीं दिख रहा है। पिछले 18 महीनों से हमने कर्मचारियों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।हमारे ज्यादातक कर्मचारी हालात को समझते हैं। मैं उनका शुक्रगुजार हूँ।"

उन्होंने आगे कहा कि हम खुद को नए सिरे से ढालने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। अगले 3-5 साल यह तय करेंगे कि हमारी यह कोशिश कितनी कामयाब रही है। कृपया हमारे लिए दुआ करें।

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