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5 साल में खत्म हो जाएंगी IT और कॉल सेंटर की नौकरियां, कौन हैं विनोद खोसला? जिन्होंने किया ये बड़ा दावा

Published: Tue, 17 Feb 2026 06:02 PM (IST)

वेंचर कैपिटलिस्ट विनोद खोसला ने दिल्ली में AI इंपैक्ट समिट में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण आईटी सेवाएं और ...और पढ़ें

भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन हैं विनोद खोसला

भारतीय-अमेरिकी बिजनेसमैन हैं विनोद खोसला

HighLights

  1. AI के कारण 5 साल में IT, BPO कंपनियां होंगी खत्म।

  2. विनोद खोसला ने 2030 तक आउटसोर्सिंग उद्योग समाप्ति की भविष्यवाणी की।

  3. 2050 तक नौकरियों की आवश्यकता नहीं होगी, खोसला का दावा।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे AI Impact Summit में विनोद खोसला (Vinod Khosla) ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बढ़ते प्रभाव से आईटी सर्विसेज और बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO) कंपनियां (कॉल सेंटर्स 5 साल में लगभग पूरी तरह से गायब हो जाएंगी। विनोद खोसला का कहना है कि एआई के सेक्टर में तेजी से हो रही तरक्की आईटी सेक्टर से जुड़ी पारंपरिक नौकरियों को सीधे बाधित करेगी।

उन्होंने एआई शिखर सम्मेलन में दोहराया कि आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री 2030 तक खत्म हो जाएगी। विनोद खोसला ने कहा, “भारत में लोग आईटी क्षेत्र में AI के प्रभाव से ज्यादा कुछ बदलाव होने की उम्मीद नहीं करते, लेकिन मैं बिल्कुल स्पष्ट तौर पर कह सकता हूं कि 2030 तक आईटी सेवाएं या बीपीओ जैसी कोई चीज नहीं रहेगी। वे सब खत्म हो चुके होंगे।”

कौन हैं विनोद खोसला?

विनोद खोसला एक इंडियन-अमेरिकन अरबपति बिजनेसमैन और वेंचर कैपिटलिस्ट हैं, जो अमेरिका की सिलिकॉन वैली में एक प्रभावशाली व्यक्ति के तौर पर माने जाते हैं। पुणे में जन्मे और आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएट, विनोद खोसला, खोसला वेंचर्स के संस्थापक हैं और सन माइक्रोसिस्टम्स के को-फाउंडर हैं। खास बात है कि विनोद खोसला को अमेरिका में दूसरे सबसे अमीर भारतीय के तौर पर भी जाना जाता है।

'2050 तक नहीं होगी नौकरी की जरुरत'

नई दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में बोलते हुए विनोद खोसला ने जोर देकर कहा, "2050 तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि किसी को भी नौकरियों की जरूरत नहीं होगी।" इस वेंचर कैपिटलिस्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में भारत में हुए हालिया प्रयासों की सराहना की।

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उन्होंने कहा, "भारत अच्छा काम कर रहा है, एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन अविश्वसनीय रूप से सफल रहा है।" विनोद खोसला ने राष्ट्रीय हितों के अनुरूप तैयार किए गए संप्रभु एआई मॉडल को लेकर अपना समर्थन दोहराया। उन्होंने कहा, “संप्रभु मॉडल का विचार बहुत अच्छा है। मेरा लंबे समय से मानना रहा है कि देशों के पास संप्रभु एआई होना चाहिए। साइबर सिक्योरिटी और डिफेंस के लिए विदेशी मॉडल स्वीकार्य नहीं हैं।”