क्या AI टूल्स से खतरे में है सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरी? भारत के इस अरबपति इंजीनियर ने ईमानदारी से दिया जवाब
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियों पर संकट की चर्चाएं हो रही हैं। इस ...और पढ़ें

इंफोसिस के को-पाउंडर हैं नंदन नीलेकणि
HighLights
AI टूल्स से सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियों पर गहरा असर पड़ा।
नंदन नीलेकणि ने बताया AI टूल्स आईटी इंडस्ट्री को बदलेंगे।
अब कोड लिखना सिर्फ काफी नहीं, AI को भी काम में लाना होगा।
नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस टूल्स (AI Tools) के बढ़ते इस्तेमाल और प्रभाव से आईटी कंपनियों के साथ-साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की परेशानियां भी बढ़ने लगी हैं। क्योंकि, एआई टूल्स के आने से ऑटोमेशन कोडिंग से जुड़े काम और आसान हो जाएंगे, ऐसे में इसका सीधा असर आईटी इंजीनियर्स के काम पर देखने को मिल सकता है। एआई टूल्स के तेजी से बढ़ते उपयोग के बीच काफी दिनों से यह मुद्दा गर्म है कि क्या इससे सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स की नौकरियों पर संकट आ सकता है?
इस सवाल पर देश की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के को-फाउंडर और चेयरमैन नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani) ने कहा कि सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल के लिए कोड लिखना अब सिर्फ एकमात्र उद्देश्य नहीं रह जाएगा क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक (AI) सॉफ्टवेयर के निर्माण और तैनाती के तरीके को मौलिक रूप से बदल रही है। इस बयान के साथ ही उन्होंने आईटी इंडस्ट्री के लिए एक बड़े प्रतिभा और ऑपरेशन मॉडल में बड़े परिवर्तन का संकेत दिया है।
इंफोसिस कैंपस में नन्दन नीलेकणि ने क्या कहा?
इंफोसिस के इन्वेस्टर डे के अवसर पर 17 फरवरी को नंदन नीलेकणि ने कहा कि एआई का आगमन पिछली तकनीकी बदलावों से अलग है, क्योंकि यह तकनीक बिजनेसेज के संचालन के तरीके में एक "मौलिक" परिवर्तन का प्रतिनिधित्व करती है।
नंदन नीलेकणि ने कहा, “आईटी इंडस्ट्री में काम कर रहे प्रतिभाशाली लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसे में टैलेंटेड लोगों को ऐसी दुनिया से तालमेल बिठाना होगा जहां सिर्फ कोड लिखना टारगेट नहीं होगा, बल्कि एआई को काम में लाना होगा। इससे नौकरियां और ऑपरेशन मॉडल दोनों बदल जाएंगे।”
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नंदन नीलेकणि का यह बयान बेहद महत्वपूर्ण है और ऐसे समय में आया है जब निवेशक बड़ी आईटी कंपनियों से इस बात का जवाब मांग रहे हैं कि जनरेटिव एआई किस प्रकार कंपनियों की स्थायी राजस्व वृद्धि और मार्जिन को प्रभावित करेगा।
