Vijay Mallya Downfall: आज ही के दिन किंगफिशर ने भरी थी आखिरी उड़ान, फिर कंगाली के दलदल में धंसते गए माल्या; पढ़ें इतिहास
विजय माल्या, जो कभी 'किंग ऑफ गुड टाइम्स' कहलाते थे, उनकी बर्बादी का मुख्य मोड़ 20 अक्टूबर 2012 को आया ...और पढ़ें

विजय माल्या के लिए 20 अक्टूबर का ब्लैक डे (AI फोटो)
HighLights
20 अक्टूबर 2012 को किंगफिशर एयरलाइंस का लाइसेंस निलंबित हुआ
यह घटना माल्या के पतन का मुख्य मोड़ साबित हुई
हजारों करोड़ के कर्ज के कारण माल्या बने भगोड़े आर्थिक अपराधी
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। विजय माल्या का नाम तो आपने सुना ही होगा। माल्या एक भारतीय कारोबारी और पूर्व राजनेता रहे हैं, जो कानूनन भगोड़े अपराधी हैं और वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में रह रहे हैं। भारत सरकार उन्हें वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना करने के लिए प्रत्यर्पण (extradition) के जरिए वापस लाने का प्रयास कर रही है।
मगर एक समय था जब कभी माल्या अपने लग्जरी लाइफस्टाइल के चलते "किंग ऑफ गुड टाइम्स" कहलाते थे। आज की तारीख यानी 20 अक्टूबर माल्या के बर्बाद होने से जुड़ी है। आइए जानते हैं आज का इतिहास और माल्या की पूरी कहानी।
क्या है आज का इतिहास?
विजय माल्या के बर्बाद होने के इतिहास में 20 अक्टूबर की तारीख सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई थी। 20 अक्टूबर 2012 को विमानन नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने विजय माल्या की एयरलाइन कंपनी, किंगफिशर एयरलाइंस का ऑपरेटिंग लाइसेंस (परमिट) निलंबित कर दिया था।
यह घटना विजय माल्या के 'किंग ऑफ गुड टाइम्स' से भारत के 'भगोड़े आर्थिक अपराधी' बनने के सफर का मुख्य टर्निंग पॉइंट थी।
लाइसेंस कैंसलेशन (20 अक्टूबर 2012)
भारी वित्तीय संकट, कर्मचारियों को वेतन न मिलने के कारण हड़ताल और उड़ानों में लगातार अड़चन के बाद DGCA ने आज ही के दिन किंगफिशर एयरलाइंस का फ्लाइट लाइसेंस रद्द कर दिया था। इसके बाद यह एयरलाइन कभी दोबारा उड़ान नहीं भर सकी।
कर्ज का पहाड़
किंगफिशर एयरलाइंस के बंद होने के समय तक उस पर भारतीय बैंकों का लगभग ₹7,000 करोड़ से ₹9,000 करोड़ से अधिक का कर्ज बकाया था। इसी कर्ज को चुकाने में माल्या पूरी तरह विफल रहे।
साम्राज्य की शुरुआत
1983 में अपने पिता विट्ठल माल्या के अचानक निधन के बाद मात्र 28 वर्ष की उम्र में विजय माल्या ने यूनाइटेड ब्रुअरीज (UB) ग्रुप की कमान संभाली और 'किंगफिशर' को एक बड़ा वैश्विक ब्रांड बनाया। उन्होंने फॉर्मूला वन टीम (फोर्स इंडिया), आईपीएल टीम (रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर) खरीदी और राज्यसभा के सदस्य भी बने।
पतन की शुरुआत (2005-2012)
साल 2005 में उन्होंने लग्जरी फ्लाइट सर्विस किंगफिशर एयरलाइंस शुरू की, जो भारी तेल कीमतों और वैश्विक मंदी के कारण भारी घाटे में डूब गई। फिर मार्च 2016 में बैंकों द्वारा कानूनी कार्रवाई तेज करने और लुकआउट नोटिस जारी होने के ठीक पहले माल्या रातों-रात भारत छोड़कर लंदन (यूके) भाग गए।
भारतीय अदालतों ने उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी (Fugitive Economic Offender) घोषित किया। भारत सरकार लगातार ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण (Extradition) की कोशिशें कर रही है, हालांकि कुछ गुप्त कानूनी मामलों के कारण इसमें देरी हो रही है।
