UP का ये छोटा सा शहर कहलाता है देश की आंवला राजधानी, अमेरिका-यूरोप तक होता है निर्यात; मिल चुका है GI टैग
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश है, जिसमें उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ जिला 'आंवला राजधानी' कहलाता है। प्रतापगढ़ ...और पढ़ें

प्रतापगढ़ भारत की 'आंवला राजधानी' के रूप में प्रसिद्ध है।
HighLights
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश है।
उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ देश की आंवला राजधानी कहलाता है।
प्रतापगढ़ के आंवले को जीआई टैग मिला, वैश्विक निर्यात जारी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश हैं। 2024 तक आंवले से बने प्रोडक्ट्स का ग्लोबल मार्केट लगभग 48.7 बिलियन डॉलर (4.6 लाख करोड़ से भी ज्यादा) था और 2034 तक इसके 88 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। यानी आंवले और उससे बने प्रोडक्ट्स के व्यापार में खूब मुनाफा है। और यह मुनाफा सीधे उस देश या शहर की जीडीपी में जुड़ता है, जहां इसका सबसे ज्यादा उत्पादन होता है।
जैसा कि हमने बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा आंवला उत्पादक देश हैं। अब सवाल यह है कि आखिर भारत में सबसे ज्यादा आंवला कहां होता है? तो आइए जानते हैं कि आखिर UP का वो कौन सा शहर है जो देश की आंवला राजधानी कहलाता है।
UP का ये शहर कहलाता है आंवला राजधानी
आंवले की खेती के रकबे और सालाना उत्पादन, दोनों ही मामलों में यह दुनिया भर में पहले स्थान पर है और यहां हर साल लगभग 10 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उत्पादन होता है। दुनिया भर में होने वाले कुल आंवला उत्पादन का लगभग 75% हिस्सा भारत में होता है। और भारत में उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा आंवला उत्पादक राज्य है, जबकि उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिला नंबर वन पर है। यही कारण है कि प्रतापगढ़ को देश की आंवला राजधानी (Amla capital of india) कहा जाता है।
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भारत के कुल आंवला उत्पादन का लगभग 60% से 70% हिस्सा यूपी के प्रतापगढ़ में पैदा होता है। एक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्रतापगढ़ में लगभग 20,000 हेक्टेयर जमीन पर आंवले के बाग हैं।
प्रतापगढ़ के ODOP को मिला GI टैग
उत्तर प्रदेश के ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) प्रोग्राम ने आंवला प्रोडक्ट्स की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग पर ज्यादा ध्यान देने में भी मदद की है। किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए, इसका मतलब है कि एक ही फसल से कमाई के और भी कई तरीके हैं। प्रतापगढ़ के आंवले को जीआई टैग भी मिल चुका है।
प्रतापगढ़ के आंवले को एप्लीकेशन नंबर 668 के तहत 31 मार्च 2023 को GI सर्टिफिकेट मिला। GI रजिस्ट्रेशन खास भौगोलिक इलाके में उगाए गए आंवले के लिए है, जिससे स्थानीय उत्पाद को बाजार में एक अलग पहचान मिलती है।
पीएम मोदी ने सितंबर में 'मन की बात' कार्यक्रम में प्रतापगढ़ जिले की आंवला अर्थव्यवस्था का जिक्र किया था। उन्होंने आंवला-प्रोसेसिंग बिजनेस को बढ़ावा देने में ODOP पहल की भूमिका पर प्रकाश डाला और महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं-सहायता समूहों के बारे में बात की, जो आंवला कैंडी, मुरब्बा, जूस, अचार और पाचक चूर्ण जैसे उत्पाद बनाते हैं।
अमेरिका से यूरोप तक एक्सपोर्ट होता है प्रतापगढ़ का आंवला
प्रतापगढ़ के आंवले का निर्यात अमेरिका से लेकर यूरोपीय देशों तक होता है। यूपी के आंवले से बने उत्पाद प्रमुख रूप से अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में निर्यात किए जाते हैं। भारतीय आंवले के टॉप 10 निर्यातक देशों की बात करें तो इनमें USA, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, UAE, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और जापान है।
भारत से आंवला निर्यात के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने वित्त वर्ष 2024-2025 में 665.96 मिलियन डॉलर मूल्य के ऑर्गेनिक उत्पादों का निर्यात किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 34.6% अधिक है।
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