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UPI पेमेंट पर MDR के साथ 18% GST भी! दावे में कितनी सच्चाई, क्या ₹2000 के ऊपर के भुगतान पर सच में बढ़ जाएगा बोझ?

Published: Thu, 17 Sep 2026 06:44 PM (IST)Updated: Thu, 17 Sep 2026 07:45 PM (IST)

gst on upi transaction: 15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा, जिस पर ...और पढ़ें

UPI पेमेंट पर MDR और GST का नया नियम: ₹2000 से अधिक भुगतान पर क्या होगा असर

UPI पेमेंट पर MDR और GST का नया नियम: ₹2000 से अधिक भुगतान पर क्या होगा असर

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| 15 अक्टूबर से दो हजार रुपए से ज्यादा के चुनिंदा UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगेगा और इस MDR पर 18% GST भी देना होगा। मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, GST पूरे पेमेंट की रकम पर नहीं, बल्कि केवल MDR या लगाए गए शुल्क पर लगेगा। इसका सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा जिनसे इस तरह के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR लिया जाएगा।

₹2,000 से ऊपर UPI पेमेंट पर MDR

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, 15 अक्टूबर से पर्सन टू मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन में 2,000 हजार से ज्यादा की रकम पर 0.4% MDR लागू होगा। MDR यानी मर्चेंज डिस्काउंट रेट एक तरह की बैक-एंड फीस है, जिसे कारोबारियों को वहन करना होता है। यह रकम बैंक ट्रांजैक्शन सेटलमेंट के दौरान अपने आप काट लेता है।

18% GST पूरे पेमेंट पर नहीं

सबसे अहम बात यह है कि 18% GST 2,000 हजार रुपए या उससे ज्यादा के पूरे UPI पेमेंट पर नहीं लगेगा। GST सिर्फ MDR की रकम पर लगेगा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक 10 हजार रुपए का UPI पेमेंट करता है तो 0.4% MDR के हिसाब से कारोबारी से 40 रुपए MDR लिया जाएगा। इस 40 रुपए पर 18% GST यानी 7.20 रुपए लगेगा। इस तरह कारोबारी की कुल लागत 47.20 रुपए होगी।

यानी 10 हजार रुपए के पेमेंट पर 18% GST की गणना 10 हजार रुपए पर नहीं, बल्कि 40 रुपए के MDR पर होगी।

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GST रजिस्टर्ड कारोबारियों को ITC का लाभ

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, GST में रजिस्टर्ड कारोबारी MDR पर दिए गए 18% GST को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के तौर पर क्लेम कर सकेंगे। हालांकि ITC का लाभ उन्हीं कारोबारियों को मिलेगा जिनकी ओर से सप्लाई की जाने वाली वस्तुएं या सेवाएं क्रेडिट के लिए पात्र हैं।

फ्लैट फीस पर भी 18% GST

जहां किसी खास ट्रांजैक्शन पर MDR की जगह ₹5 की फ्लैट फीस लागू होती है, जैसे कुछ रेलवे पेमेंट में, वहां 18% GST इसी ₹5 की फीस पर लगेगा। इसी तरह अगर किसी मामले में MDR पर ₹300 की अधिकतम सीमा तय है, तो संबंधित नियमों के तहत लागू MDR रकम पर ही GST लगाया जाएगा।

UPI की छूट वाली कैटेगरी में बदलाव नहीं

सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह मुख्य रूप से प्रोसीजर से जुड़ा बदलाव है। UPI ट्रांजैक्शन की मौजूदा छूट वाली कैटेगरी में बदलाव नहीं किया गया है। जहां MDR या कोई शुल्क नहीं लिया जाता, वहां इस आधार पर नया GST नहीं लगेगा।

फिलहाल क्रेडिट और डेबिट कार्ड के MDR पर 18% GST लागू होता है, क्योंकि प्रोसेसिंग फीस को टैक्सेबल सर्विस से जुड़ा शुल्क माना जाता है। अब पात्र UPI ट्रांजैक्शन पर लगने वाले MDR के साथ भी यही GST व्यवस्था लागू होगी।

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