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महंगा होगा त्योहारी सीजन? UPI पेमेंट पर चार्ज लगने से ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर; रिटेलर्स दाम बढ़ाने को तैयार!

Published: Thu, 17 Sep 2026 09:29 AM (IST)

त्योहारों से पहले ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR लगने से रिटेलर्स और कंपनियां चिंतित हैं, उनका ...और पढ़ें

इस बार शॉपिंग होगी महंगी?

इस बार शॉपिंग होगी महंगी?

HighLights

  1. ₹2,000 से अधिक के UPI लेनदेन पर 0.4% MDR 15 अक्टूबर से

  2. रिटेलर्स और कंपनियां त्योहारों पर कीमतें बढ़ाने या छूट घटाने की तैयारी में

  3. उद्योग को आशंका, यह कदम डिजिटल लेनदेन को नकदी की ओर धकेल सकता है

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। रिटेलर्स और कपड़े बनाने वाली कंपनियों के बीच चर्चा है कि फेस्टिव सीजन से पहले ज्यादा कीमत वाले UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगने से ग्राहकों के लिए कीमतें बढ़ेंगी। ऐसा तब है जब केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि रिटेलर्स MDR चार्ज सीधे ग्राहकों पर नहीं डाल सकते।
माना जा रहा है कि भले ही बढ़ी हुई कीमतों को UPI सरचार्ज के तौर पर नहीं दिखाया जाएगा, लेकिन कई रिटेलर्स ने त्योहारों के मौसम के आखिर तक जो बढ़ोतरी रोक रखी थी, उसे अब लागू किया जाएगा

रिटेलर्स बढ़ा सकते हैं दाम?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अलग-अलग कैटेगरी के रिटेलर्स कीमतें बढ़ा सकते हैं या त्योहारों पर मिलने वाली छूट कम कर सकते हैं, क्योंकि वे पहले से ही महंगाई और इस त्योहारों के मौसम में लॉजिस्टिक्स की ज्यादा लागत का सामना कर रहे हैं। इसकी वजह साल की शुरुआत में वेस्ट एशिया युद्ध से जुड़ी रुकावटें थीं।

रिटेलर्स देने लगे संकेत

केंद्र सरकार ने 14 और 15 सितंबर को मर्चेंट्स को किए जाने वाले ₹2,000 से ज़्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लगाने का एलान किया। यह टैक्स 15 अक्टूबर से लागू होगा। ₹75,000 और उससे अधिक कीमत वाले ट्रांजैक्शन के लिए फीस की अधिकतम सीमा ₹300 होगी।
एक बड़े डिपार्टमेंट स्टोर चेन के रिटेलर के अनुसार, "हम अलग-अलग कीमतों वाले कई तरह के प्रोडक्ट बेचते हैं और अलग-अलग तरह के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करते हैं। हमें जो समस्या दिख रही है, वह यह है कि त्योहारों की खरीदारी के दौरान लोग बड़ी मात्रा में सामान खरीदते हैं और ट्रांजैक्शन की रकम ₹2,000 से काफी ज्यादा हो जाती है।"
उन्होंने कहा कि चेन में सामान बेचने वाले ब्रांड्स ने कीमतें बढ़ाने या छूट कम करने का संकेत देना शुरू कर दिया है।

क्या लौटेगा कैश का दौर?

त्योहारों के सीजन में आम तौर पर ट्रांजैक्शन का एक बड़ा हिस्सा ₹2,000 से अधिक का होता है। ऐसे में रिटेलर्स के सामने चुनौती आना तय माना जा रहा है। क्लोदिंग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के अनुसार त्योहारी सीजन की शुरुआत में UPI पर MDR लागू करना "इससे अधिक मुश्किल समय पर नहीं हो सकता था, क्योंकि यह समय मर्चेंट्स, रिटेलर्स और ग्राहकों से सीधे जुड़े बिजनेस के लिए बहुत अहम है, जिनमें से कई पहले से ही डिमांड बढ़ाने और मार्जिन बेहतर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।"
इंडस्ट्री के अधिकारियों का मानना है कि MDR छोटे रिटेलर्स पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है जो कम मार्जिन पर काम करते हैं, और ट्रांडैक्शन को डिजिटल रिकॉर्ड के बजाय कैश की ओर ले जा सकता है।

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