शेखों के देश में बदलेंगे टैक्स नियम! भारतीय अरबपतियों का बढ़ेगा खर्चा, 5% VAT के बीच टेंशन में कारोबारी
संयुक्त अरब अमीरात में टैक्स नियमों में बदलाव से भारतीय कारोबारियों को मुश्किलें हो सकती हैं, खासकर कर्मचारियों के खर्चों पर वैट क्लेम करने में नई शर्तें लागू होंगी।

शेखों के देश में बदलेंगे टैक्स नियम!
HighLights
कर्मचारियों के खर्चों पर वैट क्लेम के नए नियम लागू।
नकद भुगतान पर इनपुट वैट क्लेम में प्रतिबंध संभव।
भारतीय कंपनियों की लागत और अनुपालन में वृद्धि होगी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: शेखों के देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में टैक्स नियमों में बदलाव भारतीय कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। वहां कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अब कुछ खर्चों पर VAT क्लेम करने में नई शर्तों का सामना करना पड़ सकता है। इसका असर कंपनियों की लागत और टैक्स नियमों के पालन पर पड़ेगा। खासकर उन कंपनियों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है, जो कर्मचारियों के रहने, खाने और आने-जाने जैसी सुविधाओं पर बड़ा खर्च करती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, UAE में VAT नियमों में बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि VAT की सामान्य दर 5% ही बनी हुई है। बदलाव टैक्स की दर में नहीं, बल्कि इनपुट VAT क्लेम करने के नियमों और प्रक्रिया में किया गया है।
कर्मचारियों पर खर्च का हिसाब बदलना होगा
नए नियमों के तहत कंपनियों को कर्मचारियों को दी जाने वाली सुविधाओं पर VAT क्लेम करने के लिए निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें कर्मचारियों के ट्रांसपोर्ट, खाने-पीने, आवास, मोबाइल और इंटरनेट जैसी सुविधाओं से जुड़े खर्च शामिल हैं।
कंपनियों को यह साबित करना पड़ सकता है कि खर्च कारोबार के लिए जरूरी है और संबंधित नियमों के तहत टैक्स क्लेम करने योग्य है। इसके लिए रोजगार अनुबंध, कंपनी की नीतियों और दूसरे जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना होगा। शर्तें पूरी नहीं होने पर कुछ खर्चों का VAT कंपनी को खुद वहन करना पड़ सकता है।
नकद भुगतान पर भी नजर
नए नियमों में नकद भुगतान को लेकर भी बदलाव किया गया है। तय की जाने वाली सीमा से अधिक मूल्य के सप्लाई लेनदेन में नकद भुगतान करने पर इनपुट VAT क्लेम करने में प्रतिबंध लग सकता है। हालांकि, इसके लिए लागू होने वाली सटीक सीमा और शर्तों को आधिकारिक निर्धारण के अनुसार देखना जरूरी होगा।
इस बदलाव के बाद कंपनियों को अपने भुगतान के तरीकों की समीक्षा करनी होगी। बैंक ट्रांसफर जैसे रिकॉर्ड वाले माध्यमों का इस्तेमाल बढ़ाना कारोबारियों के लिए अहम हो सकता है।
2027 में भी आएगा बदलाव
टैक्स योग्य और टैक्स से छूट वाली, दोनों तरह की सप्लाई करने वाली कंपनियों के लिए इनपुट टैक्स की गणना का तरीका भी बदलेगा। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2027 के बाद शुरू होने वाले पहले टैक्स वर्ष से लागू होगा। UAE में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अब अपने टैक्स क्लेम, कर्मचारियों पर होने वाले खर्च और भुगतान के रिकॉर्ड की समीक्षा करनी होगी। नियमों का पालन करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेजी काम भी करना पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक असर कंपनी के कारोबार और उसके खर्चों पर निर्भर करेगा।
