विरासत की जंग में उलझा 115 साल पुराना टीवीएस ग्रुप, खतरे में लिस्टेड कंपनियों का प्रशासन? रिपोर्ट में बड़ा दावा
वेणु श्रीनिवासन परिवार में उत्तराधिकार विवाद से टीवीएस होल्डिंग्स और टीवीएस मोटर कंपनी के संचालन पर जोखिम पैदा हो सकता ...और पढ़ें

वेणु श्रीनिवासन परिवार में उत्तराधिकार को लेकर चल रहा विवाद।
HighLights
वेणु श्रीनिवासन परिवार में उत्तराधिकार को लेकर चल रहा विवाद।
इनगवर्न ने टीवीएस कंपनियों के संचालन पर जोखिम बताया।
सुदर्शन वेणु को टीवीएस मोटर का नेतृत्व सौंपा गया।
एजेंसी, नई दिल्ली। वेणु श्रीनिवासन परिवार में उत्तराधिकार को लेकर चल रहे विवाद से टीवीएस होल्डिंग्स लिमिटेड और टीवीएस मोटर कंपनी के संचालन एवं प्रबंधन संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। हालांकि, स्वामित्व के हस्तांतरण और प्रबंधन में बदलाव औपचारिक कॉरपोरेट प्रक्रियाओं के जरिए किए गए हैं। कॉरपोरेट संचालन और प्रशासन पर सलाह देने वाली कंपनी इनगवर्न ने रविवार को यह बात कही।
इस विवाद का विश्लेषण करने वाली अपनी रिपोर्ट में इनगवर्न ने कहा कि अल्पांश शेयरधारकों की मुख्य चिंता परिवार की निजी संपत्ति के बंटवारे को लेकर नहीं है, बल्कि यह है कि उत्तराधिकार के अधिकार, प्रवर्तकों का नियंत्रण और प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाएं कितनी स्पष्ट हैं, उन्हें कितनी कानूनी निश्चितता हासिल है और उनका खुलासा कितनी पारदर्शिता से किया गया है।
कारोबार के बंटवारे को लेकर मतभेद
वेणु श्रीनिवासन परिवार में संपत्ति और कारोबार के बंटवारे को लेकर मतभेद सामने आने के बाद यह विवाद अक्टूबर में सार्वजनिक हुआ।
वेणु श्रीनिवासन टीवीएस होल्डिंग्स के चेयरमैन हैं। श्रीनिवासन का कहना है कि उन्होंने अपनी निजी संपत्तियों और परिवार के कारोबार को पारदर्शी तरीके से अलग कर दिया है। वहीं, उनकी पत्नी मल्लिका श्रीनिवासन और बेटी लक्ष्मी वेणु का कहना है कि परिवार के भीतर संपत्ति का कोई आर्थिक समझौता नहीं हुआ है।
इस विवाद के केंद्र में 21 मार्च, 2024 को वेणु श्रीनिवासन, मल्लिका श्रीनिवासन, लक्ष्मी वेणु और उनके बेटे सुदर्शन वेणु के बीच हुआ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) है। टीवीएस होल्डिंग्स ने 22 मार्च, 2024 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) को इस एमओयू की जानकारी दी थी। कंपनी ने कहा था कि इससे उसके कारोबार या पहले की तरह कामकाज जारी रखने की क्षमता पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
इनगवर्न ने क्या कहा?
हालांकि, इनगवर्न के अनुसार, शेयर बाजार को दी गई सूचना में एमओयू की शर्तों का खुलासा नहीं किया गया था और न ही यह स्पष्ट किया गया था कि परिवार के बीच संपत्ति को लेकर पूरा आर्थिक समझौता हो चुका है। मल्लिका श्रीनिवासन और लक्ष्मी वेणु सार्वजनिक रूप से कहती रही हैं कि मार्च 2024 के एमओयू को परिवार के आर्थिक हितों के निपटारे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
दूसरी ओर, वेणु श्रीनिवासन का कहना है कि संबंधित संपत्तियां उनकी निजी संपत्ति हैं और उन्हें अपनी इच्छानुसार उनका इस्तेमाल करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा है कि टीवीएस समूह के व्यापक समझौते के संदर्भ में 10 दिसंबर, 2020 को उनके दोनों बच्चों के बीच संपत्तियों का बंटवारा निष्पक्ष और समान तरीके से किया गया था।
इनगवर्न ने कहा कि वह परिवार के सदस्यों के बीच एक-दूसरे के दावों पर फैसला नहीं दे रही है और न ही निजी व्यवस्थाओं की वैधता, निष्पक्षता या उन्हें लागू किए जाने की क्षमता पर कोई राय दे रही है। उसका आकलन केवल सूचीबद्ध कंपनियों के संचालन एवं प्रशासन, सूचना के खुलासे और अल्पांश शेयरधारकों पर इसके असर तक सीमित है।
रिपोर्ट में कहा गया कि स्वामित्व और प्रबंधन के हस्तांतरण से जुड़े कुछ कदम पहले ही सार्वजनिक रूप से घोषित कॉरपोरेट प्रक्रियाओं के जरिए लागू किए जा चुके हैं। टीवीएस होल्डिंग्स के घोषित प्रवर्तक के रूप में वीएस ट्रस्ट का नाम है। अप्रैल 2025 में ट्रस्ट के जरिए सुदर्शन वेणु को कंपनी का महत्वपूर्ण लाभकारी स्वामी बताया गया था।
इसके अलावा, वेणु श्रीनिवासन ने टीवीएस होल्डिंग्स के 13,73,347 शेयर यानी कंपनी की कुल इक्विटी का 6.79 प्रतिशत हिस्सा 23 अप्रैल, 2025 को बाजार से बाहर हुए हस्तांतरण के जरिए वीएस ट्रस्ट को देने की जानकारी दी थी।
टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक के रूप में सुदर्शन वेणु की नियुक्ति को शेयरधारकों ने डाक मतपत्र के जरिए मंजूरी दी थी। वहीं, टीवीएस मोटर के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक के रूप में उनकी पदोन्नति को कंपनी के निदेशक मंडल ने मंजूरी दी थी। यह नियुक्ति 25 अगस्त, 2025 से प्रभावी हुई थी और इसकी जानकारी शेयर बाजारों को दी गई थी।
कौन कर रहा टीवीएस मोटर का नेतृत्व?
सुदर्शन वेणु अब टीवीएस मोटर का नेतृत्व कर रहे हैं। वह टीवीएस होल्डिंग्स के प्रबंध निदेशक और समूह की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज के चेयरमैन भी हैं। इनगवर्न ने कहा कि प्रबंधन की भूमिकाओं को औपचारिक रूप देने और घोषित स्वामित्व को परिचालन नेतृत्व के अनुरूप करने से कामकाज में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है और किसी एक व्यक्ति पर निर्भरता से जुड़े जोखिम कम हो सकते हैं।
हालांकि, इन कदमों से अपने आप यह साबित नहीं होता कि परिवार की व्यापक व्यवस्था के तहत सभी सदस्यों के आर्थिक अधिकारों का निपटारा हो चुका है। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब मौजूदा नेतृत्व के तहत टीवीएस मोटर ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है। ऐसे में निवेशकों के लिए सूचीबद्ध कंपनियों में प्रबंधन की निरंतरता विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है।
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