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खत्म हुई Tata ग्रुप की ये सहायक कंपनी, शेयर भी हुए रद्द; टाटा स्टील के साथ विलय को मिली NCLT की मंजूरी

Published: Thu, 15 Oct 2026 07:37 PM (IST)

टाटा स्टील को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) मुंबई बेंच से अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के विलय की अंतिम मंजूरी मिल गई है।

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HighLights

  1. NCLT मुंबई ने टाटा स्टील को अंतिम मंजूरी दी।

  2. रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स का टाटा स्टील में औपचारिक विलय हुआ।

  3. कॉर्पोरेट संरचना सरल करना विलय का मुख्य उद्देश्य है।

नई दिल्ली। टाटा समूह की दिग्गज कंपनी टाटा स्टील ने एक अहम जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई बेंच ने टाटा स्टील और उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, 'रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड' (Rujuvalika Investments Limited) के विलय की योजना को अपनी अंतिम और औपचारिक मंजूरी दे दी है।

टाटा स्टील ने बताया कि उन्हें NCLT, मुंबई की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को सुनाए गए विलय के फैसले की 'सर्टिफाइड ट्रू कॉपी' 15 अक्टूबर 2026 को प्राप्त हो गई है।

कंपनी ने क्यों किया विलय?

टाटा स्टील ने यह विलय टाटा स्टील समूह के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को सरल बनाने की रणनीति के तहत किया है। क्योंकि, रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अस्तित्व को खत्म करके, कंपनी को प्रशासन, संचालन और कानूनी अनुपालन पर होने वाले खर्चों में भारी बचत होगी।

चूंकि रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स पूरी तरह से टाटा स्टील की सहायक कंपनी है, इसलिए विलय के बाद रुजुवलिका के सभी शेयर रद्द कर दिए जाएंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि 'ट्रांसफरर कंपनी' के इन शेयरों को रद्द करने के बदले में, 'ट्रांसफरी कंपनी' द्वारा न तो कोई नए शेयर जारी किए जाएंगे और न ही कोई नकद भुगतान किया जाएगा।

बता दें कि रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स एक नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) के रूप में रजिस्टर्ड थी। इसलिए इस विलय के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लिया गया था, जिसे RBI ने 18 जून 2024 को जारी किया था।

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विलय के बाद रुजुवलिका का NBFC लाइसेंस सरेंडर कर दिया जाएगा। NCLT के आदेश के अनुसार, रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स की सभी संपत्तियां, देनदारियां, बैंक खाते, कानूनी मामले और कॉन्ट्रेक्ट्स आधिकारिक रूप से टाटा स्टील में ट्रांसफर हो जाएंगे। इस प्रक्रिया के पूरी होने के बाद, रुजुवलिका इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड को बिना 'वाइंडिंग अप' प्रोसेस के तहत भंग कर दिया जाएगा।  टाटा स्टील, टाटा ग्रुप की मूल्यवान कंपनियों में से एक है, जिसका बिजनेस भारत के बाहर भी कई देशों में है और कंपनी का मार्केट कैप 2 लाख 20 हजार करोड़ से ज्यादा है।

सोर्स - एक्सचेंज फाइलिंग