सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

TATA Sons IPO: ग्रुप कंपनियों की 'डेड कैपिटल' होगी कैश, ₹10 लाख करोड़ की वैल्यू में कमाई का होगा मौका

Published: Mon, 14 Sep 2026 10:05 AM (IST)

टाटा ग्रुप की नौ कंपनियों के पास टाटा संस की 12.83% हिस्सेदारी है, जो तीन दशकों से 'डेड कैपिटल' थी। ...और पढ़ें

टाटा संस की लिस्टिंग पर चर्चा जारी

टाटा संस की लिस्टिंग पर चर्चा जारी

HighLights

  1. नौ टाटा कंपनियों के पास टाटा संस की 12.83% हिस्सेदारी

  2. तीन दशकों से यह हिस्सेदारी 'डेड कैपिटल' मानी जा रही थी

  3. संभावित आईपीओ से ₹10 लाख करोड़ की संपत्ति कैश में बदलेगी

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की नौ कंपनियों के पास टाटा संस (TATA Sons IPO) की कुल 12.83% हिस्सेदारी है। इन 9 में से सात लिस्टेड और दो अनलिस्टेड कंपनियां हैं। इनमें से लिस्टेड कंपनियों के पास 11.9% हिस्सेदारी है। मगर दिक्कत ये है कि 3 दशकों से ये कंपनियां इस हिस्सेदारी को 'डेड कैपिटल' (बिना इस्तेमाल वाली पूँजी) की तरह रखे हुए हैं।
न तो इससे बाहर निकलने का कोई रास्ता था और न ही इसकी कोई पब्लिक वैल्यूएशन थी। अब अगर टाटा संस लिस्ट होती है (जैसा कि RBI के अपर-लेयर इन्वेस्टमेंट कंपनियों के नियमों के तहत जरूरी है) तो यह स्थिति बदल जाएगी। ये कंपनियां IPO के जरिए टाटा संस में अपनी हिस्सेदारी बेचकर कैपिटल जुटा सकती हैं। ये एक ऐसा कदम होगा, जिसके तहत ऐसी संपत्ति को कैश में बदला जा सकेगा, जिसे आसानी से बेचा नहीं जा सकता।

किसके पास कितना हिस्सेदारी?

  • टाटा स्टील और टाटा मोटर्स : दोनों के पास टाटा संस की 3.06% हिस्सेदारी है
  • टाटा केमिकल्स : 2.53%
  • टाटा पावर : 1.65%
  • इंडियन होटल्स : 1.11%
  • टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स : 0.43%
  • टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन : 0.08%
  • बाकी बची 0.93% हिस्सेदारी टाटा की दो अनलिस्टेड कंपनियों के पास है

किस कंपनी को कितनी कैपिटल मिल सकती है?

टाटा संस की अनुमानित मार्केट वैल्यू कम से कम 10 लाख करोड़ रुपये है। इस हिसाब से टाटा स्टील और टाटा मोटर्स में उनकी हिस्सेदारी की वैल्यू 30,600 करोड़ रुपये है, जो उनकी अपनी मार्केट कैप का क्रमशः 13% और 28% है।
टाटा केमिकल्स की तो टाटा संस में मौजूद हिस्सेदारी की वैल्यू अपनी मार्केट कैप से भी ज्यादा है। शुक्रवार तक, इसकी मार्केट कैप ₹15,594 करोड़ थी। ₹10 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर, टाटा केमिकल्स की टाटा संस में हिस्सेदारी की वैल्यू ₹25,300 करोड़ है, जो इसकी अपनी मार्केट कैप से काफी ज्यादा है।

ऐसे मिले थे शेयर

लिस्टेड सात टाटा कंपनियों ने 1995-96 में राइट्स इश्यू के जरिए टाटा संस में हिस्सेदारी खरीदी थी। प्रमोटर टाटा ट्रस्ट्स ने इसमें हिस्सा नहीं लिया था, क्योंकि कानून चैरिटेबल ट्रस्ट्स को कमर्शियल कंपनियों में निवेश करने से रोकता था।
उस समय भी शेयरहोल्डर्स ने इस पर आपत्ति जताई थी। उनकी दलील थी कि लिस्टेड कंपनियों को अपना पैसा किसी अनलिस्टेड और इलिक्विड (जिसके शेयर आसानी से न बिकें) पैरेंट कंपनी में नहीं लगाना चाहिए। टाटा संस के तत्कालीन चेयरमैन रतन टाटा ने जवाब दिया था कि जब टाटा संस पब्लिक कंपनी बन जाएगी, तो इस निवेश का फायदा मिलेगा।
तब भी टाटा के पूर्व डायरेक्टर नुस्ली वाडिया ने तर्क दिया था कि इस क्रॉस-होल्डिंग का मकसद सिर्फ टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की वोटिंग पावर को बढ़ाना था।

ये भी पढ़ें - तांबा, पानी और बिजली का 'चक्रव्यूह': जाम्बिया में अनिल अग्रवाल की वेदांता से राष्ट्रपति ने कर दी अपील! खदानों को बचाना जरूरी

"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)