EV चार्जिंग पॉइंट्स का 'किंग' कौन? टाटा, अदाणी और रिलायंस के बीच छिड़ी महाजंग! सरकारी कंपनियों से भी टक्कर
भारत के प्रमुख व्यापारिक समूहों टाटा, अदाणी और रिलायंस ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार ...और पढ़ें

ईवी चार्जिंग पॉइंट्स को लेकर मुकाबला (AI फोटो)
HighLights
टाटा, अदाणी, रिलायंस के चार्जिंग पॉइंट्स 19,000 पार
पिछले तीन सालों में नेटवर्क में 280% की वृद्धि
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टाटा, अदाणी और रिलायंस जैसे भारत के बड़े बिजनेस ग्रुप्स ने अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है। पिछले तीन सालों में इनके कुल चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या तीन गुना से अधिक बढ़कर 19,000 हो गई। माना जा रहा है कि ये पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) को टक्कर देना चाहते हैं, जिनका इस इकोसिस्टम पर दबदबा कायम है।
इन ग्रुप्स ने पिछले कुछ सालों में अपने प्रयास तेज किए हैं। वित्त वर्ष 2026 के अंत तक टाटा ग्रुप की टाटा पावर सबसे आगे है, जिसके देश भर में 7,700 चार्जिंग पॉइंट्स हो गए हैं। इसके बाद रिलायंस ग्रुप के 6,200 और अदाणी ग्रुप के 5,100 चार्जिंग पॉइंट्स हैं।
नेटवर्क में 280% की बढ़ोतरी
इन तीन ग्रुप्स के EV चार्जिंग पॉइंट्स की संख्या FY25 के मुकाबले 21% बढ़ी है, जब कुल संख्या 15,651 थी और FY24 के मुकाबले 67% बढ़ी है, जब कुल संख्या 11,356 थी। FY23 में कुल 5,438 पॉइंट्स थे, जिसके बाद से इस नेटवर्क में 280% की बढ़ोतरी हुई है।
मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक पैसेंजर गाड़ियों, बसों और ट्रकों के लिए बनाए गए ये चार्जिंग पॉइंट्स पब्लिक, सेमी-पब्लिक और प्राइवेट चार्जिंग स्टेशनों पर लगाए गए हैं, जिनमें मॉल, वर्कप्लेस, होटल, अस्पताल आदि शामिल हैं।
कुल कितने पब्लिक चार्जिंग स्टेशन हैं?
पब्लिक और प्राइवेट चार्जिंग पॉइंट्स की कुल संख्या का लेटेस्ट डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन भारी उद्योग मंत्रालय का अनुमान है कि 2025 के आखिर तक पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या लगभग 29,151 और इलेक्ट्रिक चार्जर्स की संख्या 67,657 होगी।
ध्यान रहे कि एक EV चार्जर में एक से ज्यादा चार्जिंग कनेक्टर हो सकते हैं। एक चार्जिंग स्टेशन में एक या एक से अधिक EV चार्जर हो सकते हैं।
इन कंपनियों के पास सबसे ज्यादा मार्केट शेयर
इंडस्ट्री के अनुमानों के अनुसार, सरकारी कंपनियां हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (HPCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (BPCL) और इंडियन ऑयल कॉर्प लिमिटेड (IOCL) इलेक्ट्रिक चार्जिंग इकोसिस्टम में एक-तिहाई से अधिक मार्केट शेयर रखती हैं।
FY26 के लिए 26971 पब्लिक फोर-व्हीलर EV चार्जिंग पॉइंट्स को ट्रैक किया गया, जिसमें अदाणी, टाटा और रिलायंस के पब्लिक चार्जर्स की हिस्सेदारी 24% पर स्थिर रही, जबकि PSUs की हिस्सेदारी साल भर में तीन प्रतिशत बढ़कर 37% हो गई। बाकी हिस्सेदारी Statiq, Chargezone और Glida जैसी छोटी कंपनियों के पास रही।
कंपनियां कर रहीं साझेदारी
इन चार्जिंग पॉइंट का नेटवर्क मुख्य रूप से पैसेंजर गाड़ियों, इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों की जरूरतों को पूरा करता है। यह नेटवर्क तब तैयार किया जा रहा है जब कार बनाने वाली कंपनियाँ EV खरीदारों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा देने के लिए चार्जिंग ऑपरेटरों के साथ तेजी से साझेदारी कर रही हैं।
उदाहरण के लिए, टाटा पावर ने अपनी सहयोगी कंपनी टाटा मोटर्स के साथ साझेदारी की है, जबकि हुंडई ने पिछले महीने Jio-bp के साथ साझेदारी की है। Jio-bp, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और bp (ब्रिटिश पेट्रोलियम) के बीच फ्यूल रिटेल का एक जॉइंट वेंचर है।
