यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पोंजी स्कीमों पर सेबी ने फिर शुरू की कार्रवाई
बाजार नियामक सेबी को ज्यादा अधिकार देने वाला अध्यादेश जारी होने के बाद नियामक ने एक बार फिर पोंजी स्कीमों ...और पढ़ें

नई दिल्ली। बाजार नियामक सेबी को ज्यादा अधिकार देने वाला अध्यादेश जारी होने के बाद नियामक ने एक बार फिर पोंजी स्कीमों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। पश्चिम बंगाल और देश के अन्य हिस्सों में पोंजी स्कीमें संचालित करने वाली कंपनियों के बैंक खाते और अन्य संपत्तियां जब्त करने और जुर्माने की वसूली के कदम उठाए जा रहे हैं।
सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अवैध तरीकों से धन जुटाने के यह मामले पश्चिम बंगाल, असम, पूर्वी और उत्तर पूर्वी राज्यों सहित देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े हैं। सरकार ही ओर से हाल ही में अध्यादेश जारी किए जाने के बाद सेबी को जब्ती और छापेमारी के अधिकार दोबारा हासिल हुए हैं। इससे पहले जारी हुए अध्यादेश की अवधि जनवरी में समाप्त हो गई थी। अधिकार मिलने के बाद सेबी ने गड़बड़ी करने वाली कंपनियों के खिलाफ मुकदमे और वसूली की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि, जिन कंपनियों के खिलाफ यह कार्यवाही शुरू की गई है अधिकारियों ने उनके नामों की जानकारी नहीं दी है।
अध्यादेश से मिले अधिकारों के तहत सेबी ने अब तक 65 मामलों में 300 से ज्यादा संपत्तियों की जब्ती की है। डिफॉल्टरों और फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों और फर्मो से 2,000 करोड़ रुपये की वसली के लिए यह जब्ती की गई है। इनमें अवैध तरीकों से धन जुटाने वाली कंपनियां भी शामिल हैं। अधिकारी ने कहा कि जनवरी में अध्यादेश की अवधि समाप्त होने पर विभिन्न मामलों में कार्रवाई प्रभावित नहीं हुई है। बल्कि कई नए मामलों में कार्रवाई शुरू की गई है।
