यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेबी ने मोबाइल और इंटरनेट को बनाया हथियार
पूंजी बाजार और निवेशकों के हितों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए बाजार नियामक सेबी अब मोबाइल और ...और पढ़ें

नई दिल्ली। पूंजी बाजार और निवेशकों के हितों के संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए बाजार नियामक सेबी अब मोबाइल और इंटरनेट के जरिये अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है। सेबी ने इस अभियान में उद्योग संगठनों, स्टॉक एक्सचेंजों और डिपॉजिटरियों को भागीदारी निभाने का प्रस्ताव दिया है।
पिछले साल दिसंबर में सेबी ने मीडिया के जरिये निवेशक शिकायत निवारण तंत्र को लेकर जागरूकता अभियान शुरू किया था। सूत्रों के मुताबिक, सेबी यह अभियान आगामी वित्त वर्ष 2014-15 में भी जारी रखेगा। इसके तहत निवेशकों को शिकायत निवारण तंत्र, सामूहिक निवेश योजनाओं (सीआइएस) की जानकारी दी जा रही है। साथ ही म्युचुअल फंडों के जरिये प्रतिभूतियों में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पढ़ें : कानूनी लड़ाई का खर्च वसूलने की तैयारी में सेबी
सेबी ने अब अपने अभियानों में नए साधनों के इस्तेमाल की योजना बनाई है। नियामक के मुताबिक निवेशक शिक्षा एवं जागरुकता अभियान से निवेशक आधार बढ़ाने के साथ पूंजी बाजार के विस्तार में भी मदद मिलेगी। नियामक ने देश भर के 13 प्रमुख भाषाओं के निवेशकों तक अपने संदेश पहुंचाने के लिए उपयुक्त माध्यमों के चुनाव की तैयारी है।
पढ़ें : सेबी ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग पर लगाई छह माह की पाबंदी
बनाएगा पेंशन फंड
सेबी अपने कर्मचारियों के लंबी अवधि के हितों को ध्यान में रखते हुए पेंशन फंड स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। सेबी की रेशनलाइजेशन ऑफ फाइनेंशियल रिसोर्सेज समिति ने यह फंड स्थापित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है।
पढ़ें : सहारा निवेशकों की खोज में सेबी की तिजोरी खाली
समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि फंड की कार्यप्रणाली और संरचना संबंधी सभी मसलों पर विचार के लिए एक अलग समिति गठित की जाए। सेबी कुशल कर्मचारियों को नियामक में बनाए रखने और नए कर्मचारियों को आकर्षित करने के प्रयासों में जुटा है।
