यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नए सॉफ्टवेयर से फर्जीवाड़े की पहचान करेगा सेबी
पूंजी बाजार में फर्जीवाड़े की पहचान की अपनी क्षमता बढ़ाने और घोटालेबाजों की धरपकड़ के लिए बाजार नियामक सेबी नए ...और पढ़ें

मुंबई। पूंजी बाजार में फर्जीवाड़े की पहचान की अपनी क्षमता बढ़ाने और घोटालेबाजों की धरपकड़ के लिए बाजार नियामक सेबी नए सॉफ्टवेयरों की मदद ले रहा है। इनसे नियामक को निगरानी गतिविधियों और जांच में भी खासी मदद मिलेगी।
इन नए उपायों की मदद से सेबी शेयर बाजार में संदिग्ध ट्रेडरों की निगरानी करके संभावित गड़बड़ियों पर निगाह रखेगा। साथ ही सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मौजूद उपलब्ध सूचनाओं का भी नियमित तौर पर विश्लेषण किया जा सकेगा।
सेबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में जिन क्षेत्रों में बाजार निगरानी क्षमताओं में वृद्धि की जाएगी उन्हें चिन्हित किया गया है। खासकर डेरिवेटिव मार्केट की प्रभावी एकीकृत निगरानी बेहद अहम है क्योंकि बाजार की स्थितियां काफी तेजी से बदलती हैं। इस साल विश्लेषण और सांख्यिकीय उपायों के इस्तेमाल के लिए कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। सेबी इससे पहले एकीकृत बाजार निगरानी तंत्र (आइएमएसएस) का अपग्रेडेशन कर चुका है। इसके जरिये बाजार की निगरानी की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित डाटा जुटाया जा रहा है। इसके नेटवर्क सिस्टम में स्टॉक एक्सचेंज और अन्य बाजार से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर संस्थान शामिल हैं। सेबी अब अपने डाटा वेयरहाउसिंग और बिजनेस इंटेलिजेंस सिस्टम (डीडब्ल्यूबीआइएस) को भी मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
