80 करोड़ लोगों को फायदा देने वाली स्कीम में 3 बड़े बदलाव, Sarthak PDS Scheme के लिए ₹25530 को मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने सार्थक-पीडीएस योजना को मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए ₹25,530 करोड़ की मंजूरी दी है। इस ...और पढ़ें
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Sarthak PDS Scheme के लिए ₹25530 को मंजूरी
HighLights
₹25,530 करोड़ की सार्थक-पीडीएस योजना को मंजूरी।
राज्यों को खाद्यान्न परिवहन में मिलेगी आर्थिक सहायता।
PDS का आधुनिकीकरण, कालाबाजारी रोकने पर जोर।
नई दिल्ली| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सार्थक-पीडीएस योजना को लेकर बड़ा फैसला आया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस’ (Sarthak PDS Scheme) को मार्च, 2031 तक जारी रखने के लिए ₹25,530 करोड़ की योजना को मंजूरी दी दे दी है।
योजना में हुए 3 बड़े बदलाव
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि 3 खास बदलाव किए गए हैं। कैबिनेट में बड़ा फैसला लेते हुए बताया कि सरकार राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान को एक राज्य के भीतर गोदामों से दुकानों तक पहुंचाने के लिए आर्थिक सहायता देगी। इससे ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होगी साथ ही दूर-दराज के इलाकों में भी समय से राशन पहुंचेगा।
दूसरे बड़े बदलाव में उचित मूल्य की दुकानों को समर्थन देने की बात कही गई है। रकार राशन की दुकानों को भी सपोर्ट देगी। ब राशन डीलरों को डिजिटल उपकरण, बेहतर स्टोरेज और संचालन के लिए सहायता मिलेगी। सरकार की इस मदद से बाद राशन वितरण में आने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।
तीसरा बदलाव में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) का मॉर्डनाइजेशन है। राशत वितरण केंद्रों को टेक्नोलॉजी बेस्ड बनाया जाएगा। इसमें ऑटोमेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, स्मार्ट डिवाइस और ट्रांसपैरेंसी टूल शामिल है। इस तरह से कालाबाजारी को रोका जाएगा।
80 करोड़ लोगों को लाभ
केंद्रीय कैबिनेट ने बड़ा लेते हुए सार्थक पीडीएस योजना में तीन बड़े बदलाव करते हुए राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण से जुड़े खर्चों में सहायता देने की बात कही गई है। इसके साथ ही खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को रोकने की भी बात कही गई। 2031 तक जारी रखने के लिए 25,530 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी दे दी है।
सरकार की ओर से बताया गया है कि इस योजना के तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 80 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। सरकार की ओर से ये भी बताया गया कि भारत में दुनिया का सबसे बड़ा फूड सिक्योरिटी प्रोग्राम चल रहा है।
