किसानों की बनाई कंपनी का टर्नओवर ₹2609 करोड़ के पार! 30 हजार से अधिक किसानों से जुड़ा नेटवर्क, 45 देशों में निर्यात
सह्याद्री फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹2,609.27 करोड़ की आय दर्ज की, जो 33.5% की वृद्धि ...और पढ़ें

ह्याद्री फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की 16वें वार्षिक आम सभा
HighLights
वित्त वर्ष 2025-26 में ₹2,609.27 करोड़ की रिकॉर्ड आय दर्ज।
30 हजार से अधिक किसानों का मजबूत नेटवर्क, 'बीज से बाजार तक' मॉडल।
चुनौतीपूर्ण मौसम और वैश्विक संकटों के बावजूद 14 साल लगातार वृद्धि।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश की प्रमुख किसान-स्वामित्व वाली बागवानी कंपनी सह्याद्री फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (SFPCL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 33.5 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज करते हुए ₹2,609.27 करोड़ की कुल आय हासिल की है। पिछले साल 2024-25 में कंपनी की कुल आय ₹1,954.73 करोड़ थी।
कंपनी के 16वें वार्षिक आम सभा (AGM) में स्टेकहोल्डर्स के सामने ये नतीजे पेश किए गए। बैठक महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका स्थित मोहाडी में आयोजित की गई।
कठिन मौसम और ग्लोबल क्राइसिस के बीच बढ़ोतरी
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 फल उत्पादकों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। महाराष्ट्र में लंबे समय तक हुई बेमौसम बारिश से अंगूर, खट्टे फलों और टमाटर जैसी फसलों के प्रोडक्शन पर बुरा असर पड़ा। वहीं वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स और व्यापार भी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद कंपनी ने अपने प्रदर्शन का श्रेय किसानों की मेहनत, सामूहिक ताकत और एकजुटता को दिया है।
14 साल से लगातार बढ़ रही कंपनी
सह्याद्री फार्म्स ने साल 2011-12 में लगभग ₹13 करोड़ की आय से शुरुआत की थी। इसके बाद कंपनी ने लगातार 14 सालों तक बढ़ोतरी दर्ज की है। इस दौरान कंपनी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 46% रही है। कंपनी ने बताया कि ओलावृष्टि, सूखा, कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संघर्ष और इस साल की जरूरत से अधिक बारिश जैसी चुनौतियों के बावजूद बढ़ोतरी जारी रही।
30 हजार से अधिक किसानों से जुड़ा नेटवर्क
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान कंपनी 53,322 एकड़ क्षेत्र में खेती करने वाले 30,302 किसानों से जुड़ी रही। इस दौरान कंपनी ने 4.46 लाख टन से अधिक कृषि उपज की खरीद की, जो पिछले साल की तुलना में 17% अधिक है। व्यक्तिगत सदस्यता और किसान उत्पादक कंपनियों (FPC) के माध्यम से 23,480 किसान कंपनी के शेयरहोल्डर्स और को-ओनर हैं।
बीज से बाजार तक पूरी व्यवस्था
सह्याद्री फार्म्स "seed to place" मॉडल पर काम करती है। कंपनी किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट, फसल सलाह, नई किस्मों की जानकारी, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्राप्त करने में मदद करती है। फसल कटाई के बाद उपज की छंटाई, ग्रेडिंग, पैकिंग, प्रोसेसिंग और भंडारण की सुविधाएं नासिक और नांदेड़ स्थित इकाइयों में उपलब्ध कराई जाती हैं।
किसानों को कम से नुकसान
कंपनी के ताजे फलों के घरेलू कारोबार से होने वाली आय लगभग ₹443 करोड़ से बढ़कर ₹1,014 करोड़ हो गई है। सह्याद्री फार्म्स अपने ताजे और प्रोसेस्ड प्रोडक्ट्स की बिक्री भारत के साथ-साथ विदेशों में भी करती है। कई बाजारों तक पहुंच होने के कारण किसी एक बाजार में समस्या आने पर उत्पादों को दूसरे बाजारों में भेजा जा सकता है, जिससे किसानों को नुकसान कम होता है।
नई किस्मों पर जोर
कंपनी साल 2015-16 से अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ मिलकर अंगूर की नई पेटेंटेड किस्मों पर काम कर रही है। सह्याद्री फार्म्स ने ग्लोबल ब्रीडर ग्रापा ग्लोबल के साथ खास समझौता किया है, जिसके तहत भारत में उनकी पेटेंटेड अंगूर किस्मों की खेती और मार्केटिंग किया जा रहा है। कंपनी को टैंगो नामक पेटेंटेड खट्टे फल की किस्म के उत्पादन और मार्केटिंग का भी भारत में विशेष अधिकार प्राप्त है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार
सह्याद्री फार्म्स में सीधे तौर पर 7,228 लोग काम करते हैं, जिनमें 2,355 महिलाएं शामिल हैं। कंपनी के 68% कर्मचारी नासिक जिले के 290 गांवों से आते हैं, जबकि समूह का कुल वर्कफोर्स महाराष्ट्र के 29 जिलों के 540 गांवों से जुड़ा हुआ है। कंपनी में कार्यरत 1,342 प्रबंधकीय और कार्यालय कर्मचारियों में से आधे से अधिक स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं। इनमें 167 इंजीनियर भी शामिल हैं।
कंपनी में महिलाओं की मजबूत भागीदारी है जहां किसान शेयरधारकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 44.3 प्रतिशत है। वहीं प्रत्येक तीन कर्मचारियों में से एक महिला है। कंपनी के निदेशक मंडल में दो महिलाएं शामिल हैं, जबकि प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों में 57 प्रतिशत प्रतिभागी महिलाएं हैं।
चेयरमैन ने क्या कहा?
सह्याद्री फार्म्स के चेयरमैन एवं MD विलास वी. शिंदे ने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की है और उनकी मेहनत, भरोसे तथा साथ मिलकर आगे बढ़ने की भावना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन किसानों की एकजुटता और सामूहिक प्रयासों ने कंपनी को मजबूत प्रदर्शन देने में मदद की।
शिंदे आगे कहते हैं कि कंपनी ने बेहतर किस्मों, फसल नॉलेज, हार्वेस्टिंग के बाद के बुनियादी ढांचे, प्रोसेसिंग कैपासिटी, विविध बाजारों और बेहतर मैनेजमेंट प्लांट्स में इन्वेस्ट किया है, जिसका लाभ अब दिखाई दे रहा है।
45 से ज्यादा देशों में निर्यात
सह्याद्री फार्म्स की शुरुआत साल 2011 में अंगूर उत्पादक किसानों ने की थी। कंपनी अंगूर, टमाटर, खट्टे फल, केला, आम, अनार, स्वीट कॉर्न और काजू जैसे उत्पादों के कारोबार से जुड़ी है। आज कंपनी के ताजे और प्रोसेस्ड उत्पाद भारत के अलावा दुनिया के 45 से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं।
