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मुकेश अंबानी का बड़ा दांव!FMCG सेक्टर में दबदबा बनाने की तैयारी; रिलायंस कंज्यूमर की शेयर कैपिटल हुई ₹40000 Cr

Published: Thu, 24 Sep 2026 09:08 AM (IST)

रिलायंस इंडस्ट्रीज की एफएमसीजी कंपनी रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) ने अपनी अधिकृत शेयर पूंजी को चार गुना बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ ...और पढ़ें

रिलायंस का एफएमसीजी पर बड़ा दांव

रिलायंस का एफएमसीजी पर बड़ा दांव

HighLights

  1. RCPL की अधिकृत शेयर पूंजी चार गुना बढ़कर ₹40,000 करोड़ हुई

  2. कंपनी की उधार लेने की सीमा ₹9,000 करोड़ से ₹27,000 करोड़ हुई

  3. तीन कार्यकारी निदेशकों का कार्यकाल पांच साल बढ़ाकर 2030 तक किया गया

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी तेजी से ग्रो कर रही FMCG कंपनी, रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) की अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल को चार गुना बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर लिया है।
इससे कंपनी को कैपिटल जुटाने के लिए ज्यादा गुंजाइश मिल सकती है और कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ उसकी उधार लेने और निवेश करने की सीमाएँ भी बढ़ सकती हैं। रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के पास जमा की गई हालिया रेगुलेटरी फाइलिंग से यह जानकारी मिली है।

बढ़ाई गई उधार लेने की सीमा

RCPL, जो कैम्पा कोला और इंडिपेंडेंस रेंज के सामान बेचती है, ने कहा कि अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल में बढ़ोतरी से उसके FMCG ऑपरेशन्स के बढ़ते दायरे को देखते हुए कैपिटल जारी करने में आसानी होगी। वहीं कारोबार के लिए फंड की बढ़ी हुई जरूरत को पूरा करने के लिए उधार लेने की सीमा को भी ₹9,000 करोड़ से तीन गुना बढ़ाकर ₹27,000 करोड़ कर दिया है।
दूसरी कंपनियों में निवेश करने या उन्हें लोन देने की सीमा को दोगुना करके ₹4,000 करोड़ कर दिया गया है।

एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर का कार्यकाल बढ़ाया

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने तीन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर टी कृष्णकुमार, केतन मोदी और असीम पारेख का कार्यकाल भी पांच साल के लिए बढ़ाकर 2030 तक कर दिया है। फाइलिंग से पता चला कि RCPL बोर्ड ने जुलाई और अगस्त में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी थी।

सीधे रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी

RCPL ने पिछले साल दिसंबर में अपनी पैरेंट कंपनी के FMCG कारोबार की रिस्ट्रक्चरिंग के तहत अपनी अथॉराइज्ड शेयर कैपिटल को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ किया था। इसके बाद FMCG कारोबार, रिलायंस रिटेल वेंचर्स (RRVL) की सब्सिडियरी होने के बजाय सीधे रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी बन गया।

बाद में RCPL का RRVL में विलय कर दिया गया, जिसके बाद RRVL के "कंज्यूमर ब्रांड्स बिजनेस" को अलग करके एक नई कंपनी 'टीरा ब्यूटी लिमिटेड' बनाई गई, जिसे बाद में फिर से RCPL नाम दिया गया।

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